
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। घाटी के दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी की आबादी को बर्फ की कैद से जल्द निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। उपमंडल उदयपुर से ख्ंाजर गांव तक करीब 32 किलोमीटर लंबी सड़क से महज तीन किलोमीटर तक ही बर्फ हटाई गई है। वहीं आगे लोनिवि को जगह-जगह नालों में गिरे विशालकाय हिमखंडों को हटाने में वक्त लग सकता है। लोनिवि की धीमी कार्यप्रणाली से मयाड़ घाटी के लोगों में खासा रोष है।
मयाड़ सड़क मार्ग पर अभी भारी बर्फ जमीं होने के चलते भाजपा, कांग्रेस के कोई भी नेता और कार्यकर्ता चुनाव प्रचार को नहीं पहुंच सके हैं। सड़क खुलने में हो रही देरी पर नेता भी असमंजस में पड़ गए हैं। 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रतिभा सिंह के प्रचार के लिए उदयपुर में भी चुनावी जनसभा करने जा रहे हैं। ऐसे में मयाड़ की सड़क न खुलने से वहां की जनता इस चुनावी जनसभा में उदयपुर कैसे पहुंचेंगे?
स्थानीय बीडीसी सदस्य निशा डोलमा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली काफी धीमी है। उन्होंने इस संबंध में लोनिवि के अधिशाषी अभियंता से दूरभाष के जरिये संपर्क करके काम में गति लाने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि लोनिवि की मशीन मयाड़ घाटी के पहले गांव शकोली तक नहीं पहुुंच पाई है। मयाड़ घाटी की हजारों आबादी को उपमंडल उदयपुर आने जाने के लिए सड़क जल्द खुलने का इंतजार है।
लोनिवि के अधिशाषी अभियंता गुमान सिंह नेगी ने बताया कि मशीन को उदयपुर से करीब तीन किलोमीटर के पास नाले में गिरे हिमखंड को काटने में अधिक समय लग गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर मयाड़ घाटी के लिए एक डोजर और एक जेसीबी को अतिरिक्त काम पर लगाया जाएगा। 22 मई तक उड़गोस तक सड़क को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
