
कुल्लू। दशहरा उत्सव इस बार पर्यटन और अन्य कारोबार के लिए खुशी लेकर आया है। दशहरा में विश्व प्रसिद्ध कुल्लवी शॉल का धंधा भी खूब चमका है। बीते साल की अपेक्षा इस वर्ष 30 फीसदी से अधिक कारोबार में इजाफा हुआ है। प्रदर्शनी मैदान में सजे शॉल, टोपी, जुराबें तथा मफलर व अन्य वस्त्रों के स्टाल संचालक खासे गदगद हैं। 30 फीसदी तक बढ़े कारोबार के पीछे घाटी में हुई सेब व अन्य फलाें की बंपर फसल को इसका कारण माना जा रहा है। उत्सव में शॉल के स्टाल लगाए बैठे करीब दो दर्जन व्यवसायियों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। शॉल व्यवसायी प्रीतम सिंह, रतनी देवी, कृष्ण हैंडलूम सरवरी के मालिक टीकम राम का कहना है कि इस साल का दशहरा सबसे शानदार रहा है। इन्होंने कहा कि उनके स्टाल में शॉल, टोपी तथा अन्य सामान की खूब सेल हुई है। भारत शॉल इंडस्ट्री सरवरी के लोत राम हमेशा स्टाल लगाते आए है, इस बार उनका धंधा खूब चला है। उधर, विश्व विख्यात भुट्टिको शॉल के मार्केटिंग मैनेजर टिकम राम ने बताया कि उनका कारोबार शानदार रहा है। 2012 में उनकी सेल 1330610 रुपये रही थी, जबकि इस बार उनकी सेल 17 लाख तक पहुंची है। कहा कि अभी दो-तीन दिन तक उनका स्टाल सजा रहेगा। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि उनकी सेल में और इजाफा होगा।
