
दुलैहड़ (ऊना)। ऊना जिले में आईपीएच विभाग की ओर से 499 सिंचाई योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा कर 20148 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है, जबकि 39 सिंचाई परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। इन पर 78 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। इनके पूर्ण होने पर लगभग 3568 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। यह जानकारी सोमवार को उद्योगमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विस क्षेत्र के गांव दुलैहड़ में 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सामुदायिक भवन की आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान जिले में बाढ़ नियंत्रण कार्यों के तहत 200 हेक्टेयर भूमि को कृषि योग्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि त्वरित सिंचाई लाभ योजना के तहत 42 लद्यु सिंचाई योजनाओं का प्रारूप तैयार करके स्वीकृति के लिए भेजा गया है, जिससे 2100 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि बीत क्षेत्र की बाथू-अमराली सिंचाई परियोजना की 28 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार करके स्वीकृति के लिए भेजी गई है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि टाहलीवाल से बाथड़ी तक 48 करोड़ की लागत से स्वां नदी का तटीयकरण किया जाएगा, जिसके लिए 10 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे 300 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य बनेगी। उद्योग मंत्री ने दुलैहड़ दलित बस्ती में शीघ्र ट्यूबवेल लगाने तथा स्थानीय लोगों की मांग पर जिम स्थापित करने की घोषणा की। इसके बाद मुकेश अग्निहोत्री ने गांव पूबोवाल में ढाई लाख रुपये से निर्मित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्र तथा पांच लाख रुपये से निर्मित होने वाले गुरु रवि दास मंदिर की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर हरोली ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत राणा, एसडीएम धनवीर ठाकुर, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर, भवन निर्माण एवं कामगार बोर्ड की निदेशक सुरेखा राणा, निदेशक राज्य हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट, जिला परिषद सदस्य अमनदीप मोनी, स्थानीय प्रधान सुभाष चंद, उप प्रधान एवं अध्यक्ष बाबा गोसाई दयाल मंदिर कमेटी दुलैहड़ रणदेव सिंह तथा क्षेत्र के गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।
