
भोजनगर (सोलन)। मृतक अनुराधा की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। परिजनों के कहने के बावजूद भी पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने में करीब 25 घंटे लगा दिए। पोस्टमार्टम शनिवार को दोपहर करीब 11:30 बजे हुआ। महिला की मौत शुक्रवार को करीब 11 बजे फंदे से लटककर हुई थी। महिला के मायके वालों ने ससुराल वालों को महिला की मौत का जिम्मेवार ठहराया है।
मृतका के पिता प्रेम सिंह, चाचा सोहन लाल, बनवारी लाल, नंदलाल, रतन सिंह, चाची बिमला देवी और चचेरे भाई भीम सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस घटना स्थल पर शुक्रवार शाम चार बजे के बाद पहुंची। जब उसके माता-पिता ने शव का पोस्टमार्टम करवाने की मांग की तो पुलिस ने जानबूझ कर देरी की। करीब शाम पांच बजे परिजनों ने शव को सड़क पर रख कर प्रदर्शन किया तथा पोस्टमार्टम करवाने की मांग की। शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर गई। सात घंटों तक पुलिस पोस्टमार्टम करवाने के लिए आनाकानी करती रही। उसके बाद शुक्रवार को भी पुलिस ने दोपहर बाद सोलन अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। उनका आरोप लगाया कि पुलिस को कई बार कहने के बावजूद भी उन्होंने शनिवार शाम तक किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में नहीं लिया।
वहीं थाना प्रभारी धर्मपुर प्रीतम सिंह पंवर का कहना है कि पुलिस ने शाम को ही शव धर्मपुर भेज दिया था। शनिवार को सुबह क्षेत्रीय अस्पताल सोलन भेजा और जहां शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। वहीं डीएसपी परवाणू निश्चिंत सिंह नेगी ने कहा कि पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। जहां पर महिला की मौत हुई वहां का नक्शा बनाने और लोगों से पूछताछ में पुलिस को देरी हो गई। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई होगी। पुलिस ने धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। इस संबंध में जिला चिकित्सा अधीक्षक डा. यशवंत वर्मा ने बताया कि अस्पताल में मृतका का पोस्टमार्टम शनिवार करीब 11:30 बजे हुआ।
