
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के 24 साल पुराने मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारी को मिली सजा को दिल्ली हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। निचली अदालत ने आरोपी अधिकारी को दोषी मानते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। अधिकारी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए तीन अधिकारियों के नाम से एलटीसी के 21 हजार रुपये के चेक को भुनाया था।
जस्टिस पीके भसीन ने पीडब्ल्यूडी के पूर्व कैशियर वेद प्रकाश को मिली तीन साल की सजा को जायज ठहराया। निचली अदालत ने वेद प्रकाश को नवंबर 1999 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सजा के फैसले को उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अभियोजन के मुताबिक वेद प्रकाश ने सितंबर 1988 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन आर्किटेक्ट के एलटीसी के चेक तैयार करवाए थे। उसने कई अधिकारियों के जाली दस्तखत कर अनुमति पत्र भी तैयार किए थे।
