
हमीरपुर। उराष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से जिले की महिलाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खुलेंगे। ग्रामीण विकास विभाग ने महिलाओं के 230 स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पर करीब छह करोड़ 31 लाख की राशि खर्च की जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त हमीरपुर आशीष सिंहमार ने दी।
बताया कि महिलाओं को जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। मिशन के तहत गठित समूहों को प्रशिक्षण के बाद व्यावसायिक गतिविधियां आरंभ करने के लिए सस्ती दरों पर तीन लाख तक ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे व्यवसाय आरंभ करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। सभी ग्रुपों की बैकों के साथ लिंकेज भी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समूहों की ओर से तैयार उत्पादों के विपणन की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। हमीरपुर जिले में नादौन, बिझड़ी तथा भोरंज में ग्रामीण स्वरोजगार हाट भी खोले गए हैं, ग्रामीण हाट में समूहों को उत्पाद बेचने के लिए जगह मुहैया करवाई जाएगी। विभिन्न स्तरों पर प्रदर्शनियों के माध्यम से भी समूहों के उत्पाद मार्केट तक पहुंचाए जाएंगे। इससे समूहों को बेहतर आमदनी हो सके। महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान आरंभ करने के दिशा-निर्देश दिए हैं।
