1 से मिलेंगी मरीजों को मुफ्त दवाइयां

पटियाला (परमीत): पटियाला के राजिन्द्रा अस्पताल में मरीजों को 1 जुलाई से मुफ्त दवाइयां मिलनी शुरू हो जाएंगी। यह फैसला आज हुई अस्पताल वैल्फेयर कमेटी की पहली मीटिंग में लिया गया। पहली ही मीटिंग में अस्पताल में आते मरीजों के लिए कई अन्य भी अहम फैसले लिए गए।

फैसलों के मुताबिक सरकारी राजिन्द्रा अस्पताल में पंजाब सरकार द्वारा 45 लाख रुपए की पहुंचाई गई दवाइयां आखिर मरीजों को पहली जुलाई से मिलने लग पड़ेंगी। इन दवाइयों का गत करीब 6 महीने से स्टोर में पड़े ही दम घुट रहा था। दवाइयों की मरीजों तक पहुंच न होने का मामला चाहे काफी समय से गर्माया हुआ था परंतु इस मामले को सम्पन्न करने के लिए अस्पताल के एमरजैंसी इंचार्ज व डिप्टी मैडीकल सुपरिंटैंडैंट डा. हरशिन्द्र कौर का अहम रोल माना जा रहा है।

डा. हरशिन्द्र कौर को कल ही पंजाब सरकार द्वारा एमरजैंसी इंचार्ज नियुक्त किया गया है तथा नियुक्ति के दूसरे दिन ही आज अस्पताल वैल्फेयर कमेटी की मीटिंग आह्वान की गई। उल्लेखनीय है कि राजिन्द्रा अस्पताल वैल्फेयर कमेटी अस्पताल के सुधार के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की निजी दिलचस्पी पर बनी थी तथा इस कमेटी की आज पहली बैठक जो अस्पताल व मैडीकल कालेज के प्रिंसीपल डा. के.डी. सिंह की अगुवाई में हुई, जिसमें अस्पताल के सुधार व विकास के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं।

इन फैसलों में अहम विचार किया गया कि अस्पताल को पंजाब सरकार द्वारा 6 महीने पहले भेजी गई 45 लाख रुपए की दवाइयां, जो अभी तक मरीजों को मुफ्त नहीं मिलने लगी वह तुरंत मरीजों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इस मामले पर फैसला लिया गया कि हर हाल ये दवाइयां पहली जुलाई से मरीजों को मिलने लग पड़ें। ये दवाइयां आऊटडोर, एमरजैंसी व एडमिशन वाले वार्ड नंबर-1 के बाहर स्टोर से उपलब्ध करवाए जाने का फैसला लिया गया।

यह भी चिंता प्रकट की गई कि ये दवाइयां लम्बा समय अस्पताल के स्टोर में ही क्यों टाइम निकालकर रखी हुई थीं जबकि पंजाब सरकार का इरादा है कि हर मरीज को मुफ्त दवाइयां प्रदान हों। इसके अतिरिक्त अस्पताल की एमरजैंसी में जरूरी टैस्टों का प्रबंध 24 घंटे करने का भी फैसला लिया गया।

मीटिंग दौरान अस्पताल की एमरजैंसी को बेहतर बनाने के लिए एंटी स्कीड टाइलें लगाने के साथ-साथ 10 नई ट्रॉलियां व 10 व्हीलचेयर अन्य रखने का भी निर्णय किया गया। एमरजैंसी के हर बैड के साथ चारों तरफ पर्दे लगाए जाने का भी अहम डिजास्टर किट के साथ डिजास्टर टीम भी एमरजैंसी में तैयार कर दी गई, जो जरूरत पडऩे पर वहां ही मदद के लिए तैयार मिलेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एमरजैंसी में सभी कमरों बारे जानकारी, जिनमें मुफ्त दवाइयों का स्टोर व टैस्टों का कमरा शामिल है, बाहर ही डिस्प्ले किए जाएंगे ताकि किसी मरीज को कोई भी मुश्किल न हो तो उसके हल या शिकायत के लिए फोन नंबर भी डिस्प्ले किया गया। इस बात पर गहराई के साथ विचारा गया कि अस्पताल में बुजुर्ग लोगों को कोई दिक्कत न आए।

अस्पताल की प्रैस स्पोक्सपर्सन के तौर पर नियुक्त डा. हरशिन्द्र कौर ने बताया कि इस मीटिंग में अस्पताल व मैडीकल कालेज के प्रिंसीपल डा. के.डी. सिंह, मैडीकल सुपरिंटैंडैंट वी.के. शारदा, डिप्टी मैडीकल सुपरिंटैंडैंट व एमरजैंसी इंचार्ज डा. हरशिन्द्र कौर, डी.सी.एफ.ए. प्रीतपाल सिंह बावा, ए.सी.एफ.ए. निर्मल सिंह, डा. सुधीर वर्मा, डा. नवीन सारोंवाला, डा. टी.एस. यूनिया, डा. हरजोत बग्गा, पटियाला हैल्थ फाऊंडेशन के नेता कर्नल करमिन्द्र सिंह तथा डा. इन्द्रजीत सिंह चावला शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि अस्पताल में गत परसों सेहत व परिवार भलाई विभाग की प्रमुख सचिव विन्नी महाजन द्वारा दौरा किया गया था, जिसके तुरंत बाद एमरजैंसी सहित अन्य कई विभागों की जिम्मेदारियां एडिशनल चार्ज के तौर पर डिप्टी मैडीकल सुपरिंटैंडैंट को देते हुए पावरें सौंप दी गई थीं।

ङ्क्षचतकों का कहना है कि अस्पताल में अभी बड़े स्तर पर सुधारों की जरूरत है। रखड़ा का कहना है कि राजिन्द्रा अस्पताल का दोबारा पहले की तरह कद बनाने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा समय-समय जानकारी हासिल की जा रही है, जिसके जल्दी ही ठोस व सार्थक परिणाम सामने आने लग पड़ेंगे।

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