
बंजार (कुल्लू)। घरद्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के दावे कई जगहों पर धरातल से कोसों दूर नजर आते हैं। इसी में शामिल है पीएचसी थाटीबीड़। थाटीबीड़ और गोपालपुर पंचायत की हजारों की आबादी इसी प्राथमिक हेल्थ सेंटर पर निर्भर है। लेकिन हेल्थ सेंटर महज लैब तकनीशियन और हेल्थ वर्कर के हवाले हैं। छह माह पहले चिकित्सक का तबादला होने के बाद यह पद अभी तक रिक्त पड़ा है। पीएचसी में सप्ताह में एक या दो दिन बंजार सीएचसी से डाक्टर प्रतिनियुक्ति पर आता है। अन्य दिन पीएचसी में लैब टेक्नीशियन और हेल्थ वर्कर ही मरीजों को छोटी मोटी बीमारियों की दवाइयां देते हैं। स्थानीय निवासी रूपेश शर्मा, नरोत्तम चंद, यज्ञ कुमार, सोहन लाल, मेघ सिंह, जय सिंह, रीना देवी और निर्मला कुमारी ने बताया कि पीएचसी थाटीबीड़ में डाक्टरों की कमी के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि पीएचसी में सप्ताह में केवल एक या दो दिन चिकित्सक आता है। अन्य दिन उन्हें मजबूरन लैब तकनीशियन और हेल्थ वर्कर से ही दवाइयां लेनी पड़ती हैं। लोगों ने बताया कि थाटीबीड़ और गोपालपुर पंचायत की आबादी करीब पांच हजार है। लोगों को अपना उपचार करवाने के लिए करीब 20 किलोमीटर दूर सीएचसी बंजार जाना पड़ता है।
बीएमओ बंजर डा. एमएल शासनी ने कहा कि पीएचसी थाटीबीड़ में डाक्टर और अन्य स्टाफ की कमी के बारे में प्रदेश सरकार तथा उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया दिया है। बंजार से थाटीबीड़ के लिए प्रतिनियुक्ति पर डाक्टर भेजकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
