
नगवाई(मंडी)
हिमाचल में मानसून की बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह शुक्रवार सुबह चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी जिले के हणोगी माता मंदिर के पास पहाड़ी दरकने से दो गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन घायल हैं। जानकारी के अनुसार सुबह करीब सवा पांच बजे हणोगी माता मंदिर के पास अचानक खड़ी गाड़ी के ऊपर पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने लगीं।
एक टेंपो सामान की आपूर्ति लेकर पंजाब की तरफ जा रहा था। इसी दौरान चालक व और एक अन्य व्यक्ति हणोगी माता मंदिर के पास रुके। इतने में पहाड़ी से पत्थरों का सैलाब आ गया। चालक बड़ी चट्टान के नीचे दब गया जिसका शव कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। मृतक की पहचान अमृतपाल पुत्र कलविंदर सिंह, होशियारपुर पंजाब के रूप में हुई हैै। जबकि दूसरा व्यक्ति दूर खड़ा था जिस कारण उसे ज्यादा चोटें नहीं आईं।
इसी दौरान मंडी की तरफ से आ रहा एक अन्य टेंपो भी इन पत्थरों की चपेट में आ गया। जिसमें चालक गुरमुख सिंह पुत्र बिरवल सिंह गांव समरखुर्द तहसील बंगाणा जिला ऊना की मौके पर ही मौत हो गई है। यह टेंपो कुल्लू की तरफ जा रहा था। टेंपो में लिफ्ट लेकर दो अन्य लोग भी जा रहे थे, जो सुरक्षित हैं। एसएचओ ओट ललित महंत ने घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मंदिर को भी पत्थरों के गिरने से नुकसान पहुंचा है। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और वाहनों की आवाजाही निगरानी में की जा रही है।
वहीं,एसपी मंडी ने लोगों से बरसात के मौसम में हाईवे से आवाजाही करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उधर, मंडी शहर में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। लोगों ने जागकर रात बिताई। नाचन की दर्जनों पंचायतों में भारी बारिश से देर रात से बिजली गुल है। कुल्लू जिले में हुई बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। देर रात हुई बारिश के चलते पागलनाला में बाढ़ आने से लारजी-सैंज-न्यूली मार्ग पांच घंटे तक बंद रहा। मार्ग बंद रहने से तीन घंटे तक सेब, टमाटर व सब्जियों से भरे दर्जनों वाहन फंसे रहे। कड़ी मशक्कत के बाद लोक निर्माण विभाग ने सुबह आठ बजे मार्ग को खोला।
पागलनाला में आ रहा मलबा इन दिनों सैंज घाटी की 15 पंचायतों के लिए मुसीबत बन गया है। लगातार सड़क बाधित होने से घाटी के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा जिले में बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। कुल्लू-मनाली के साथ मनाली-लेह मार्ग पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, ब्यास व नालों में जलस्तर बढ़ गया है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में घाटी के तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह के समय काफी ठंड महसूस की जा रही है। प्रशासन ने लोगों को बरसात को देखते हुए एहतियात बरतने की सलाह दी है।
