हिमाचली बच्चे पर हरियाणा गंभीर

ऊना। चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में एक्यूड फ्लेस्टिड पैरालाइसिस से जूझ रहे ऊना निवासी साढ़े चार वर्षीय बच्चे के केस को जहां हिमाचल के स्वास्थ्य विभाग को बेहद संजीदगी से लेना चाहिए था, वहीं उसे हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से ले रहा है। उक्त बच्चे के परिजनों के अनुसार चंडीगढ़ में उपचाराधीन बालक के खून के सैंपल जांच के लिए हरियाणा के चिकित्सा अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर ले लिए हैं, जबकि हिमाचल का स्वास्थ्य विभाग अभी पीजीआई प्रशासन से खून के सैंपल मांग रहा है। बालक के परिजनों में इस मामले को लेकर काफी रोष है।
हालांकि उक्त बच्चे में पोलियो के लक्षणों की जांच के लिए भी नमूने लिए गए हैं, जिसकी जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है। ऊना के ललड़ी निवासी साढ़े चार वर्षीय देवांश खडवाल पुत्र राजेश खडवाल एक अगस्त को इस बीमारी की चपेट में आया। लगभग तीन दिन तक बुखार आने के बाद चौथे दिन वह अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाया, जबकि एक हाथ ने भी काम करना बंद कर दिया था। इसके चलते उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। देवांश के पिता राजेश खडवाल का कहना है कि बच्चे की हालत में अभी अधिक सुधार नहीं है, लेकिन प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने उसकी जांच में कोई गंभीरता नहीं दिखाई है, जबकि हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उसकी हर हरकत पर नजर रख रहे हैं। उधर, सीएमओ डा. जीआर कौशल का कहना है कि पीजीआई में उक्त लड़के की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि बच्चे की केस डिटेल पीजीआई से मांगी गई है, जो जल्द ही मिल जाएगी।

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