
नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा में अपनों को खोने का दर्द लोगों के चेहरों पर साफ पढ़ा जा सकता था। सगे-संबंधियों को खोने के अलावा हिंसा की आग में अपना सब कुछ गवां बैठे लोगों ने जंतर-मंतर को अपना सहारा बनाया और यहां धरना दिया। मुजफ्फरनगर के कई गांवों से बेदखल होकर आए लोगों ने कहा कि, अब उनके लिए अपने घर वापस लौटना मुश्किल होगा।
पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बरती गई ढिलाई को जिम्मेदार बताते हुए राष्ट्रपति से यूपी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस संबंध में लोगों ने राष्ट्रपति कार्यालय पर ज्ञापन भी दिया। लापता हुए परिजनाें को ढूंढने व घर आदि की व्यवस्था करने की मांग इन्हाेंने की है। इस दौरान धरने में शामिल एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि उनका भी एक भाई गायब है लेकिन सरकार न तो उसका डेथ सर्टिफिकेट दे रही है और न ही उसके जिंदा होने की पुष्टि कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि, दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय मिले।
