
कुमारसैन (शिमला)। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हाटू के लिए पेयजल योजना बनाई जाएगी। इसके लिए उन्होंने विभाग को योजना का एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए। योजना बनने से हाटू में पेयजल समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
नारकंडा में हर साल लगने वाले हाटू मेले में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। मंदिर कमेटी को श्रद्धालुओं के लिए पानी नारकंडा से वाहनों में ढोना पड़ता है। हजारों लोगों के लिए पानी पर्याप्त नहीं हो पाता, जिससे श्रद्धालुओं को पानी के लिए तरसना पड़ता है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से हाटू में वर्षों से पेश आ रही पेयजल समस्या के दूर होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाटू धार्मिक स्थल के रूप में उभर चुका है। हाटू मेला ही नहीं, बल्कि यहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सरकार हाटू माता के मंदिर परिसर समेत आसपास के क्षेत्र को और सुंदर बनवाएगी। हाटू मंदिर के साथ लगने वाले जौ बाग को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। हाटू से निकलने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कुमारसैन के भराड़ा में रुके। यहां लोगों ने उनके समक्ष कालेज खोलने समेत अन्य मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और इस दिशा को ठोस पहल का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, सीपीएस नंदलाल, जिला परिषद अध्यक्ष चंदेश्वर, उपाध्यक्ष प्रहलाद कश्यप, बीडीसी चेयरमैन राजेश, उपाध्यक्ष हरिकृष्ण, कुमारसैन प्रधान प्रवीण वर्मा, डीब पंचायत प्रधान जगदीश वर्मा, बीडीसी सदस्य आरती निर्माही, संदीप पराशर, मैलन प्रधान प्रकाश शर्मा, कोटगढ़ प्रधान नवीता भैक, थानाधार उपप्रधान अनिल जिस्टू के अलावा उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा, एसपी अभिषेक दुल्लर आदि मौजूद थे।
