
हरिद्वार। आसाराम बापू हर ओर से घिरे हैं तो ऐसे में हरिद्वार विकास प्राधिकरण (एचडीए) ने भी बाहें चढ़ा ली हैं। एचडीए के मुताबिक हरिपुर कलां में बना आसाराम का आश्रम और रेजीडेंशियल फ्लैट अवैध हैं। पहले केवल नोटिस देकर खानापूर्ति कर रहे एचडीए ने अब कार्रवाई के तेवर बना लिए हैं। एचडीए के उपाध्यक्ष ने आसाराम के अवैध निर्माण से संबंधित फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है।
देहरादून जिले के अंतर्गत आने वाले हरिपुर कलां में आसाराम का आश्रम है। करीब दो साल पहले यहां पर लगभग 250 रेजीडेंशियल फ्लैट बनाए गए थे। एचडीए के मुताबिक इनका निर्माण अवैध रूप से किया गया और तब एचडीए की ओर से निर्माण रोकने के लिए नोटिस भी भेजे गए। लेकिन काम नहीं रुका और फ्लैट बनकर तैयार हो गए। दिसंबर 2012 में इस क्षेत्र को आवासीय घोषित करते हुए एचडीए ने यहां के सभी निवासियों को अपने नक्शे प्रस्तुत करने को कहा लेकिन आसाराम पक्ष की ओर से ऐसा नहीं किया गया। इन फ्लैटों के लगभग 225 अध्यायसियों की सूची एचडीए के पास है। जिनके नाम अध्यायसियों की सूची में हैं उनमें कुछ नाम विदेश में रहने वालों के भी हैं। अन्य लोगों में देश के विभिन्न राज्यों में फैले उनके भक्तों के माने जा रहे हैं। एचडीए ने आसाराम के प्रतिनिधि अशोक गर्ग के साथ ही उन सभी लोगों को नोटिस भेज रखे हैं जिनका नाम पता सूची में है। उपाध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि आसाराम संबंधी फाइलों को तलब किया गया है। पत्रावलियाें की जांच पड़ताल कर की जा रही है। इसके बाद ही कार्रवाई संबंधी निर्णय लिया जाएगा।
