
हमीरपुर। जिला हमीरपुर में चार स्थानों पर आसाराम बापू के आश्रम चल रहे हैं। हालांकि आश्रमों में गतिविधियां नाममात्र की रहती हैं, विशेष अवसरों पर ही सक्रियता दिखाई देती है। आश्रमों की भूमि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि आश्रम की भूमि भक्तों और सेवा समिति के नाम खरीदी गई है या भक्तों ने ही दान में दी है। सरकार की ओर से भूमि की जांच करवाने की बात कही जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन फिलहाल जांच से इंकार कर रहा है। प्रशासन सरकार की ओर लिखित आदेश मिलने पर जांच की बात कर रहा है। हालांकि आश्रमों में कोई अधिक निर्माण नहीं हुआ है, केवल एक कुटिया तथा शैड का ही निर्माण किया गया है।
ऊना-अग्घार मंडी सुपर हाईवे मार्ग पर बड़सर के पास गांव समोह में आसाराम बापू का आश्रम है। स्थानीय व्यक्ति ने अलॉट भूमि को बेचा है। लगभग दस कनाल 11 मरले भूमि स्थानीय व्यक्तियों के नाम से खरीदी गई है। भूमि पर शैड बना हुआ है तथा आसाराम के आश्रम की गतिविधियां चलती हैं। भूमि को लेकर पूर्व में प्रशासन ने छानबीन की थी, लेकिन स्थानीय लोगों के नाम होने के कारण मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके अलावा नादौन के मोवालघाट, भोटा के सिद्धपुर में आश्रम बनाया गया है। सुजानपुर नगर पंचायत क्षेत्र में आश्रम के लिए जगह खरीदे जाने की सूचना है।
उपायुक्त हमीरपुर आशीष सिंहमार का कहना है कि फिलहाल सरकार की ओर से जांच को लेकर कोई आदेश नहीं मिले हैं। यदि आदेश मिलते हैं तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा भूमि संबंधी तथ्य एकत्रित किए जाएंगे।
