हमीरपुर में गरजे बीएसएनएल कर्मी

हमीरपुर। बीएसएनएल एंप्लाइज यूनियन फोरम के तीन दिवसीय रिले धरने के आह्वान पर हमीरपुर में कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के उदासीन रवैये के चलते कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला सचिव एएस कौंडल ने कहा कि नॉन एग्जिक्यूटिव की लंबित मांगों पर निगम का कोई ध्यान नहीं है जबकि पहले ही मान्यता प्राप्त यूनियनों और मैनेजमेंट के मध्य नेशनल काउंसिल मीटिंग और स्टेंडिंग कमेटी मीटिंग में कई बार चर्चा हो चुकी है। यहां तक कि कई पत्र अनुस्मरण के लिए भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने समझौता में शामिल शर्तों को जल्द लागू करने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन में राजकुमार, बाबूराम, जौली राम, कुलदीप कुमार, नरेंद्र कुमार, किशोरी लाल, प्यार सिंह, चंद्रशेखर और एचएल स्याल मौजूद रहे। उन्होंने निगम को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है वे धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें
जनवरी 2007 के वेतन संशोधन के बाद कुछेक कर्मचारियों के वेतन में आए ठहराव का हल किया जाए।
जनवरी 2007 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के वेतन में आई कमी को दूर किया जाए।
मान्यता प्राप्त यूनियन और प्रबंधन के मध्य हुए समझौते, यूनियनों द्वारा दिए सुझावों के अनुसार नॉन एग्जिक्यूटिव प्रोमोशन पालिसी कार्यान्वित की जाए।
नॉन एग्जिक्यूटिव के लिए ई-1 स्केल कार्यान्वित किया जाए। अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां की जाएं।
एलटीसी या लीव एनकैशमेंट, चिकित्सा भत्ते की बहाली, बोनस की अदायगी की जाए। भत्तों में संशोधन किया जाए। टेलीकॉम मैकेनिक, टीटीए, जेएओ और जेटीओ के लिए विभागीय परीक्षाओं में पात्रता शर्तों में रियायत दी जाए।
सीनियर बीओए, टेलीकॉम मैकेनिक और दूसरे कैडरों के स्केल अपग्रेड किया जाए। एससी, एसटी कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति की परीक्षाओं में अर्हक अंक में रियायत दी जाए।
नॉन एग्जिक्यूटिव प्रोमोशन पालिसी में एससी/एसटी आरक्षण दिया जाए।
टेलीकॉम फैक्टरियों में स्टोरों, सिविल विंग, अकाउंट्स कैडर तथा चालकों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

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