
ऊना। जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव के प्रधान प्रवीण कुमार पर जानलेवा हमले के आठ आरोपियों की अग्रिम जमानत अरजी हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश देव दर्शन सूद ने खारिज कर दी है। इस अरजी पर सोमवार को शिमला में सुनवाई हुई। बंगाणा थाना के एसएचओ रामदास कौशल के नेतृत्व में एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शिमला गई है। एसएचओ रामदास कौशल ने सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत अरजी खारिज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी आरोपी हाईकोर्ट नहीं आए थे। अरजी पर सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ही हाईकोर्ट में थे। शिमला में पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएचओ ने कहा कि आरोपियों ने डीसीसी सचिव प्रवीण पर 20 अक्तूबर को तलमेहड़ा में कृपाणों और लोहे की रॉडों के साथ हमला कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 147, 148, 149, 307, 325, 341, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज कर रखा है। एक आरोपी जोगिंद्र सिंह को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जो इन दिनों धर्मशाला कारागार में है। जिन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की है, उनमें राजेंद्र सिंह, जीवन सिंह, रणजीत सिंह, विशाल भारती राणा उर्फ जौली, नरेंद्र सिंह, मंजीत सिंह, राकेश ठाकुर और शेख मोहम्मद शामिल हैं। एसएचओ रामदास कौशल ने कहा कि आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है। उन्होंने दावा किया है जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
चंडीगढ़ में हुआ प्रवीण का उपचार
ऊना। वारदात का शिकार डीसीसी सचिव प्रवीण को वारदात के बाद क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया था, जहां से उन्हें चंडीगढ़ रेफर किया गया। चंडीगढ़ में प्रवीण का एक आपरेशन हुआ। प्रवीण ने बताया कि अभी उनका मुंह का एक और आपरेशन चंडीगढ़ में होना है। प्रवीण ने कहा कि आरोपियों की जमानत अरजी खारिज होने से उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से उन्हें न्याय तब मिलेगा, जब सभी हमलावरों को सजा होगी।
