
केलांग। कुंजम दर्रा बंद होने के बाद अब सैलानियों ने स्पीति घाटी के लिए बुक करवाए अपने टूअर कार्यक्रम रद करना शुरू कर दिए हैं। विदेशी पर्यटकों ने स्पीति जाने के बजाए लेह का रुख करना शुरू कर दिया है। वहीं सैलानियों के कार्यक्रम में बदलाव से स्पीति पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि बर्फ से लकदक दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रों में शुमार जोजिला (18000 फुट), खारदुंगला (18700), बारालाचा (16000) और रोहतांग (13050) को बीआरओ ने बहाल कर दिया है। लेकिन कुंजम दर्रा के बहाल न होने से सैलानी स्पीति नहीं पहुंच पा रहे। जनजातीय जिला के दो उपमंडल लाहौल और स्पीति कुंजुम दर्रा (14000 फुुट) बंद होने से अभी तक आपस में कटे पड़े हैं।
जिला मुख्यालय केलांग से स्पीति मुख्यालय काजा तक पहुंचने के लिए आम जनता के साथ ही पर्यटकों को जलोड़ी दर्रा और शिमला होकर करीब 650 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। कुंजम होकर केलांग से काजा की दूरी महज डेढ़ सौ किलोमीटर है। कुंजम दर्रा बहाल न होने से इस रूट पर निगम की बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। ग्रांफू-काजा-समदो सड़क मार्ग को सामरिक महत्व का दर्जा देते हुए इसे लोनिवि से छीनकर सीमा सड़क संगठन को सौंपा है। काजा में याक ट्रेवल एजेंसी के संचालक प्रेम और अजय ने बताया कि कुंजम दर्रा बंद होने से हजारों विदेशी पर्यटक स्पीति टूअर पैकेज को रद कर लेह रवाना हो गए हैं।
नेताओं को भी बहाना पड़ रहा पसीना
कुंजम दर्रा बंद रहने से मंडी संसदीय उपचुनाव के लिए प्रचार में जुटे दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को भी खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि कुंजम दर्रा बंद होने से बाया किन्नौर और कुल्लू जिला हो कर लाहौल का रुख करना पड़ रहा है। भाजपा के जिला अध्यक्ष सूरत राम शर्मा के मुताबिक चुनाव प्रचार के लिए यह एक बड़ी बाधा बनी हुई है। सीमा सड़क संगठन के चीफ इंजीनियर एसके शर्मा ने दावा किया है कि जल्द ही कुंजम दर्रा बहाल कर दिया जाएगा।
