
शिमला। नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स का तय समय पर एक साथ भुगतान करने पर कर दाताओं को दस प्रतिशत छूट देने का ऐलान किया है। नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद राहत की सांस लेते हुए करदाताओं को भी राहत देने का फैसला लिया है। नगर निगम के इस ऑफर के तहत बिल मिलने के पंद्रह दिन के भीतर जो करदाता अपना टैक्स जमा करवाएगा, उसे कुल बिल की राशि पर दस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। राजधानी में करीब साढ़े नौ हजार प्रापर्टी टैक्स देने वाले हैं। इनमें आठ हजार गृह करदाता हैं जबकि पंद्रह सौ सरकारी विभागों के अकाउंट हैं। नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह का कहना है कि टैक्स ब्रांच बिल बनाने में जुट गई है। एक सप्ताह के भीतर सभी कर दाताओं को बिल जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगर स्थानीय लोग चाहें तो वे कर शाखा में जाकर अपने बिल स्वयं भी प्राप्त कर सकते हैं।
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रविवार को भी खुला रहेगा टैक्स आफिस
नगर निगम का टैक्स आफिस रविवार को भी खुला रहेगा। कर दाताओं को जल्द से जल्द बिलों की अदायगी करने के चलते आफिस खुला रखने का फैसला लिया गया है। करदाता रविवार को आफिस में जाकर अपने बिलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लिफ्ट पार्किंग की धरातल मंजिल में स्थित दफ्तर का फोन नंबर 2650285 है।
टैक्स भरने कोे खुलेंगे अतिरिक्त काउंटर
टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम अगले सप्ताह अतिरिक्त काउंटर खोलेगा। पहले रिज मैदान से सटे एपी आफिस के पास ही टैक्स जमा होता आया है। अब टैक्स के बिल भेजने में हुई देरी के चलते कर शाखा सहित निगम आफिस में अतिरिक्त काउंटर खोलने पर विचार चल रहा है।
डिफाल्टरों के बिल में जुड़कर आएगा एरियर
एमसी को लंबे अरसे से टैक्स देने में आनाकानी कर रहे डिफाल्टर करदाताओं को इस माह भेजे जाने वाले बिलों में एरियर भी जोड़कर भेजा जाएगा। शहर में करीब दो हजार डिफाल्टर हैं। इनसे करीब पांच करोड़ की राशि एमसी को वसूल करनी है।
समायोजित होगा टैक्स राशि का अंतर
हाईकोर्ट ने भवन मालिकों को पुरानी कर प्रणाली के अनुसार प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने को कहा है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि भवन मालिकों की ओर से जमा करवाई गई कर राशि नई कर प्रणाली के निर्धारण पर निर्भर करेगी। कर राशि के अंतर को समायोजित किया जाएगा।
