
नकोदर: पंजाब में ‘राज नहीं सेवा’ का नारा देकर पुन: सत्ता में आई गठबंधन सरकार के कार्यकाल में लोगों को सड़कों पर उतरकर इंसाफ की लड़ाई लडऩे को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे बड़ी शर्म की बात क्या हो सकती है कि 4 मार्च को सड़क हादसे में मारे गए 14 मासूम बच्चों की खबर से ऐसा कोई शख्स नहीं था, जिसकी आंखें नम न हुई हों और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए एकजुट न हुआ हो परंतु विडंबना यह है कि 4 महीने बीतने के बावजूद पुलिस प्रशासन राजनीतिक संरक्षण के चलते पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने की अपेक्षा आरोपी स्कूल वैन के मालिक को कथित तौर पर गिरफ्तार न कर उल्टा पीड़ितों के जख्मों को कुरेदने में लगा हुआ है।
यह आरोप आज उस वक्त लगाए गए जब मृतक बच्चों के अभिभावकों व लोगों ने वैन मालिक की गिरफ्तारी को लेकर नकोदर-जालंधर मार्ग पर दुर्घटनास्थल पर पहुंच चक्का जाम कर दिया। लोगों ने सत्ताधारी पार्टी के एक नेता का नाम लेकर पुलिस की नकारात्मक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खरी-खोटी सुनाई। लोगों के गुस्से के सामने पुलिस अधिकारी बेबस नजर आए। लोगों ने मौके पर पहुंचे राजिन्द्र सिंह एस.पी. (डी.), एच.एस. परमार पुलिस उप कप्तान, सुभाष बाठ सिटी थाना प्रभारी, दलजीत सिंह गिल सदर थाना प्रभारी से कथित आरोपी स्कूल वैन के मालिक को गिरफ्तार करने की मांग की।
पुलिस के आश्वासन पर लोगों द्वारा सुबह 11 बजे लगाया गया धरना सायं 4.30 बजे समाप्त हुआ। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गिरफ्तारी शीघ्र न की गई तो पुन: धरना लगाया जाएगा। धरने में सुखचैन सिंह, हरनीत सिंह लाली, सर्बजीत सिंह, बलबीर सिंह, संतोख सिंह, अजीत सिंह आदि मौजूद थे।
