
नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड ने अपनी बैंकिंग के रहस्यों पर पड़ा ताला तोड़ दिया है। टैक्स चोरों को धरने के लिए चल रही अंतर्राष्ट्रीय मुहिम के तहत हुए समझौते पर दस्तखत के साथ स्विस बैंकों की गोपनीयता का फायदा अब टैक्स चोरों को नहीं मिलेगा। ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉपरेशन एंड डेवलपमेंड यानी ओईसीडी में टैक्स मामलों के प्रमुख पास्कर सेंट अमान्स ने समाचार एजेंसी से कहा, इसके साथ ही ‘बैंकों की गोपनीयता खत्म’ हो गई है।
60 से ज्यादा देशों के बीच हुए समझौते में स्विट्जरलैंड का शामिल होना शायद इस समझौते के लिए सबसे अहम बात है, क्योंकि माना जाता है कि दुनिया भर के टैक्स चोर स्विस बैंकों में ही अपना काला धन रखते हैं। भारत और जर्मनी समेत दुनिया के तमाम देश भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई में स्विस बैंकों की गोपनीयता की वजह से परेशान हैं। गौरतलब है कि भारत समेत कई देशों की सरकारें लंबे समय से स्विस बैंकों में जमा काले धन की जानकारी हासिल करने के प्रयास कर रही थीं।
