स्वाइन फ्लू से कैसे निपटेगा विभाग

धर्मशाला। सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है, लेकिन टांडा मेडिकल कॉलेज समेत जिला के अधिकतर अस्पतालाें में स्वाइन फ्लू से निपटने के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। अस्पतालाें में मॉस्क तक नहीं है। ऐसे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर सेवाएं दे रहा स्टाफ खुद बीमारी की चपेट में आ सकता है। हालांकि तमाम अस्पतालों ने सीएमओ कांगड़ा के पास इसे लेकर डिमांड दे डाली है। मास्क की सप्लाई अस्पतालाें तक नहीं पहुंच पाई है। टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू मरीज की पुष्टि भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार सर्दी के मौसम में इस बीमारी से ग्रस्त मरीज ज्यादा आते हैं। उधर, कुछेक अस्पतालों में तो स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए दवाइयां तक नहीं हैं। इस कारण स्वाइन फ्लू से मरीज को बचाने के लिए चिकित्सकों के पास मरीज को रेफर करने के अलावा कोई भी रास्ता नहीं है। अस्पतालों में मास्क न होने के कारण चिकित्सक मरीज को तेज बुखार, अकड़न जैसे लक्षणों वाले मरीजों का इलाज करने से भी कतरा रहे हैं। अस्पतालों से लंबे समय पहले मास्क और जरूरी दवाइयाें को लेकर डिमांड भेजी गई थी। उधर, टांडा मेडिकल कालेज में भी हालत ऐसे हैं कि यहां से भी मास्क और दवाइयों की डिमांड भेजी गई थी। यहां पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयां नहीं हैं। साथ ही मास्क भी समाप्त हो चुके हैं। उधर, टीएमसी के एमएस डा. दिनेश सूद ने बताया कि मास्क और दवाइयों की डिमांड भेजी गई है। वहीं, सीएमओ डा. ध्रुव एस. गुरुंग ने बताया कि डिमांड के हिसाब से दवाइयां और मास्क भेजे जा रहे हैं।

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