
ऊना। विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से स्वां चैनेलाइजेशन प्रोजेक्ट का रिकार्ड कब्जे में लिए जाने के बाद ऊना जिप की निरीक्षण कमेटी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। जिप अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित जांच रिपोर्ट की एक प्रति शिकायतकर्ता एवं जिप उपाध्यक्ष अवतार सिंह को भी मिली है। 22 अप्रैल 2013 को जिप अध्यक्ष रानी रणौत की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने परियोजना कार्य के निरीक्षण को लेकर स्पाट विजिट किया था। जांच कमेटी में जिप सदस्य सोमदत्त और अवतार सिंह घुघी भी थे। शिकायतकर्ता एवं जिप उपाध्यक्ष अवतार सिंह को जिप अध्यक्ष की ओर से मिली जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। करीब 235 करोड़ रुपये का यह कार्य पूर्व प्रदेश सरकार के समय में हुआ था। अब चैनेलाइजेशन के लिए 1200 करोड़ रुपये और स्वीकृत हुए हैं। कुछ दिन पूर्व धर्मशाला से विजिलेंस एंडी एंटीकरप्शन ब्यूरो की टीम ने भी प्रोेजेक्ट के रिकार्ड को कब्जे में लिया है। विजिलेंस के एसपी विमल गुप्ता पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पूरे प्रकरण की बारीकी से छानबीन होगी। जिप अध्यक्ष रानी रणौत मौजूदा दौर में जिला भाजपा महिला मोर्चा की भी अध्यक्ष हैं। निरीक्षण टीम में शामिल दोनों जिप सदस्य भी भाजपा समर्थित बताए जा रहे हैं। जिला परिषद उपाध्यक्ष अवतार सिंह ने निरीक्षण रिपोर्ट की प्रति मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वे इस रिपोर्ट की एक प्रति विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को भी प्रेषित करेंगे।
यह लिखा है रिपोर्ट में
22 अप्रैल 2013 को निरीक्षण कमेटी द्वारा किए गए बाढ़ नियंत्रण मंडल के कार्यों की निरीक्षण रिपोर्ट:
निरीक्षण कमेटी के साथ विभाग के बाढ़ नियंत्रण मंडल अंब और गगरेट के दो एसडीओ और एक जेई भी शामिल हुए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शुरू में जो कार्य हुआ, वह ठीक था, लेकिन बीच बीच में अंत तक कार्य में अनियमितताएं पाई गईं। तटीकरण के लिए क्रेट कार्य में उचित पत्थर का इस्तेमाल नहीं हुआ। अंडरवेट पत्थरों का इस्तेमाल किया गया और पत्थर क्रेट से बाहर निकले हुए थे।
