स्वयं सहायता समूह में गड़बड़झाला

दुलैहड़ (ऊना)। क्षेत्र के तहत पड़ती एक ग्राम पंचायत में बनाए गए स्वयं सहायता समूह में हजारों रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया है। मामले को लेकर उक्त समूह के तमाम सदस्यों ने प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक सदस्य की भैंस मरने के बाद जब वह बीमा राशि लेने कार्यालय पहुंचा तो उसे पता चला कि जो कर्ज उसने लिया है, उसकी कोई किस्त जमा नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से किए गए खुलासे से उक्त सदस्य के पैराें तले जमीन खिसक गई और उसने अन्य सदस्यों को भी मामले के संदर्भ में सचेत किया तो पता चला कि किस्तों के मामले में गड़बड़झाला हुआ है। बहरहाल बीडीओ कार्यालय हरोली की ओर से मामले की छानबीन आरंभ कर दी गई है।
ग्राम पंचायत में चल में रहे स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने समूह की प्रधान पर ऋण की किस्तें बैंक में जमा न करवाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले से पर्दा उस समय उठा जब बैंक के अधिकारियों ने समूह के एक सदस्य को बताया कि उसकी भैंस की बीमा राशि के संदर्भ में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती, क्योंकि उसने अपने ऋण की किस्तें जमा नहीं करवाई हैं। उक्त सदस्य ने बताया कि वह अपने लोन की किस्तें हर माह समूह की प्रधान के पास जमा करवाता था। उक्त स्वयं सहायता समूह में 10 सदस्य हैं, जिनमें से हर सदस्य को 50 हजार रुपए ऋण के रूप में मिले थे और प्रत्येक सदस्य को 10 हजार की सब्सिडी मिली थी। जब यह मामला उजागर हुआ तो समूह के बाकी सदस्यों ने इसे हरोली के विकास खंड कार्यालय में भी उठाया। ब्लाक की अधिकारी अदिति धारा ने बताया कि सदस्यों के बयान कलमबद्ध कर लिए गए हैं, जल्द ही मामले का पटाक्षेप हो जाएगा। उधर, स्वयं सहायता समूह की प्रधान का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।

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