
चंडीगढ़: चंडीगढ़ के स्मार्ट स्कूलों में अब कक्षाओं को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। अब स्मार्ट स्कूलों की क्लासिज में बच्चों को वीडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए पढ़ाया जाएगा। स्मार्ट स्कूलों में प्रोजैक्टर सिस्टम के साथ वीडियो कांफ्रैंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
वीडियो कांफ्रैंसिंग की सहायता से शिक्षक एक ही जगह से कई कक्षाओं पर नजर रखेगा। इतना ही नहीं वह सभी कक्षाओं को कॉमन पढ़ाई भी करवा सकेगा। इसमें सबसे रोचक पहलू यह होगा कि जरूरत पडऩे पर शिक्षक बच्चों से सवाल जवाब भी करेगा। यह बच्चों के लिए नया अनुभव होगा।
शिक्षक की गैरहाजिरी में भी बच्चे पढ़ सकेंगे
इस तकनीक से ऑडियो विजुअल इफैक्ट के साथ मनोरंजक तरीके से बच्चों को पढ़ाया जा सकेगा। तकनीक के जरिए जरूरत पडऩे पर सभी क्लासरूम को मास्टर क्लासरूम से जोड़ा जा सकेगा। ऐसे में अगर कक्षा में शिक्षक अनुपस्थित भी रहता है तो बच्चों का समय खराब नहीं होगा। दूसरी कक्षा का शिक्षक वीडियो कांफ्रैंसिंग से अन्य कक्षाओं को भी पढ़ा सकेगा।
तकनीक कैसे होगी फायदेमंद
गवर्नमैंट स्मार्ट स्कूल सैक्टर-53 के आई.टी. एक्सपर्ट कम जे.बी.टी. शिक्षक गजराज सिंह ने बताया कि कई बार एक ही कक्षा के कई सैक्शनों को कॉमन चैप्टर पढ़ाना होता है। ऐसे में अलग-अलग सैक्शन में शिक्षक भी उसी आधार पर होता है लेकिन नई तकनीक से इन सभी क्लासरूम को मास्टर रूम से जोड़कर वहीं से कॉमन लैसन पढ़ाया जा सकता है। शिक्षकों की कमी के साथ समय खर्च से भी नई तकनीक से आसानी से निपटा जा सकता है। साथ ही कक्षा का अवलोकन भी वहीं से हो सकता है।
हिंदी में मिलेगी जानकारी
दरअसल दोनों ही स्कूलों में सॉफ्टवेयर एन.सी.ई.आर.टी. की किताबों को ध्यान में रख कर डिवैल्प किए गए हैं। यह पूरी तरह से हिंदी पर आधारित हैं। सॉफ्टवेयर पर किताबों पर आधारित सभी सामग्री हिंदी में ही अपलोड की गई है। ऐसे में छात्रों को बिना परेशानी के सब आसानी से समझ आ जाता है। आई.टी. एक्सपर्ट गजराज सिंह ने बताया कि दोनों ही पहले ऐसे स्कूल हैं जहां सॉफ्टवेयर पर हिंदी बेस्ड सामग्री उपलब्ध करवाई गई है।
