स्पेशलिस्टों की कमी से मरीज परेशान

कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन स्टाफ कम होता जा रहा है। ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों को डाक्टरों के इंतजार में कई घंटों तक खड़े रहना पड़ता है। तीन जिलों के लोगों को उपचार देने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में डाक्टरों की कमी से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
मरीजों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल होते हुए भी मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। काफी समय से अस्पताल की यही स्थिति बनी हुई। अस्पताल की दोनों गायनी विशेषज्ञों में से एक मेडिकल लीव पर और दूसरी प्रशिक्षण को गई हैं। दोनाें विशेषज्ञों के न होने से खासकर गर्भवती महिलाओं को भारी दिक्कतें उठाना पड़ रही हैं। बताया जा रहा है अस्पताल में भर्ती गर्भवती
महिलाओं को भी सजेरियन के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। शनिवार को महिला विशेषज्ञ न होने से ओपीडी के बाहर भारी संख्या में महिलाएं दिनभर अपनी बारी के इंतजार में खड़ी रहीं।
मेडिकल ओपीडी के बाहर भी करीब डेढ़ बजे तक लोग इंतजार करते रहे। कई मरीज तो बिना उपचार घर लौट गए। शनिवार को अस्पताल उपचार के लिए आई बुजुर्ग महिला वोदी देवी का कहना है कि वह सुबह नौ बजे से लाईन में खड़ी हैं। वाली देवी, विजलू देवी, दिव्या, खेवा देवी, देवकला और ममता ठाकुर का कहना है कि हर बार उन्हें चेकिंग के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुल्लू अस्पताल में एक-एक ओपीडी में दो-तीन डाक्टरों की तैनाती की जाए।
बीस डाक्टर दे रहे हैं सेवाएं : कपूर
कार्यकारी एसएमओ डा. कमल कपूर ने कहा कि अस्पताल में 24 डाक्टर थे उनमें से चार प्रमोट हो गए हैं। 20 सेवाओं पर हैं। बताया कि शनिवार को तीन-चार विशेषज्ञ अवकाश और प्रशिक्षण पर थे।

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