
चंबा। सरकार ने स्कूल तो खोल दिए हैं, लेकिन उनमें शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई। इसके कारण जिला के करीब 46 हजार छात्र-छात्राओं क ा भविष्य अधर में लटक गया है। मौजूदा समय में जिला के 15 ब्लॉक में 1380 के करीब सरकारी स्कूल चल रहे हैं। इसमें 1130 प्राइमरी और 250 मिडल स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में से अधिकांश स्कूलों में स्कूल मुखियाओं सहित शिक्षकों के 380 के करीब पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें जेबीटी के 344, सीएचटी के 16 और एचटी के 20 पद रिक्त हैं। कई स्कूलों में चार-पांच सालों से कई शिक्षकों के पद खाली हैं। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चाें की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। चंबा ब्लॉक के लिए जेबीटी के 228 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 19 पद खाली और 209 भरे हुए हैं। सीएचटी व एचटी के 19-19 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 18 पद भरे हैं और एचटी का एक पद खाली है। शिक्षा खंड मैहला दो में सीएचटी के 17 और एचटी के 16 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सीएचटी के दो पद खाली हैं। जेबीटी के स्वीकृत 213 पदों में से 25 पद रिक्त और 188 पर शिक्षक तैनात हैं। मैहला एक में सीएचटी के 10 और एचटी के 11 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से सीएचटी का एक पद रिक्त है। यहां पर जेबीटी के 106 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 13 पद खाली और 93 भरे हैं। गैहरा ब्लॉक में सीएचटी के 10 और एचटी के सात पद मंजूर हैं, जिनमें से तीन सीएचटी और एक एचटी का पद खाली है। जेबीटी के स्वीकृत 106 पदों में से 93 पदों पर शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 13 पद रिक्त हैं। शिक्षा खंड कियाणी में सीएचटी के 16 और एचटी के 28 पद स्वीकृत हैं और ये सभी पद भरे हैं। जेबीटी के 145 पदों में से दो पद खाली है और 143 पद भरे हैं। सुंडला में सीएचटी के 14 एचटी के 18 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सीएचटी का एक पद रिक्त और बाकि पद भरे हुए हैं। यहां पर जेबीटी के 217 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 26 पद खाली और 198 भरे हैं। शिक्षा खंड सलूणी में सीएचटी के 20 और एचटी के 19 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से तीन सीएचटी और एक एचटी का एक पद रिक्त है। इस शिक्षा खंड में जेबीटी के 216 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 52 पद खाली हैं। इसके अलावा शिक्षा खंड तीसा में जेबीटी के 35, कल्हेल में 39, बनीखेत में पांच, चुवाड़ी में 31, सिहुंता में 12, भरमौर में 11, गरोला में 23 और पांगी में 25 पद रिक्त हैं।
सूचित किया जाता है: ओपी
शिक्षा विभाग के डिप्टी डीओ ओपी हीर ने बताया कि स्कूलों में रिक्त पड़े शिक्षक ों के पदों के बारे में समय-समय पर सरकार व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाता है। जैसे ही सरकार नई नियुक्त करती है तो रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।
