स्कूलों में लगे भूकंप के झटके!

हमीरपुर। शुक्रवार का दिन। सुबह के करीब 11-12 बजे का समय। जिले के स्कूलों में अचानक भूकंप के झटके लगे। स्कूलों में अफरा तफरी मच गई। कई छात्र इधर-उधर भागने लगे। कुछ विद्यार्थी टेबल के नीचे छुप गए तो कुछ ने स्कूल बैग अपने सिर पर रख लिए। कुछ ने राहत कार्य का जिम्मा संभाल लिया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाने का प्रबंध किया।
हकीकत में कोई भूकंप नहीं आया लेकिन जिले के स्कूलों ने आपदा के समय बचने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया। स्कूल प्रबंधनों ने विद्यार्थियों में जागरूकता लाने और आपदा के समय कैसे निपटा जाए, के लिए शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया। मॉक ड्रिल के अलावा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। नारा लेखन, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आदि के जरिए भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। ब्लाक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं का एक ही उद्देश्य था कि बच्चों को आपदा से निपटने व बचाव के बारे में जानकारी देना।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कक्कड़ में छात्रों को गिरो, ढको, पकड़ो नारा दिया गया। एक टीम ने बच्चों को कमरों से बाहर खुले मैदान में निकाला। सर्च टीम ने शेष बचे बच्चों को भी बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान प्रभारी प्रवक्ता कृष्ण कुमार, प्रधानाचार्य गुनिंद्र शर्मा, राजेश शर्मा, एसएमसी प्रधान कृष्ण देव, पंचायत प्रधान दिवेश, देवेंद्र, जगदीश वर्मा, बलवीर, सुनील, कुलदीप, राजीव, संजीव, अनूप, संजीव धीमान, कमलेश, राजेंद्र, रीता, सुलेखा, मोनू, क्रांति शर्मा, संजीव राठौर, रणधीर, केहर सिंह, मंगला, रुमा उपस्थित थे।
धनेटा स्कूल में भी मॉक ड्रिल को पूरा किया गया। इसमें स्कूल के 600 छात्रों ने भाग लिया। प्रधानाचार्य अनिल ठाकुर, नोडल आफिसर सुरजीत कुमार ने आपदा के संबंध में जानकारी दी। एनएसएस प्रभारी अजय नंदा ने राहत कार्य में सहयोग देने का आग्रह किया। ड्रिल के दौरान समीर राणा, बलवीर ठाकुर, नारायण सिंह, सतीश कुमार, कमल किशोर, मनीष गुप्ता, कश्मीरी लाल, शामू शर्मा, विनोद कुमार, अरविंद कुमार, अश्विनी कुमार, विक्रम ठाकुर उपस्थित थे।

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