
कुल्लू। शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में अव्वल राज्य की बात करने वाले हिमाचल के स्कूलों की जमीनी हकीकत कुछ हटके है। स्कूलों में चल रही स्टाफ की कमी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा में गुणवत्ता लाने के दावे कितने सार्थक हो रहे हैं। एलीमेंटरी शिक्षा को छोड़कर उच्च शिक्षा की बात करें तो जिला के बाह्य सराज आनी विधानसभा क्षेत्र में हालत काफी दयनीय है।
आनी विस क्षेत्र के आनी-निरमंड खंड में कुल 42 उच्च पाठशालाएं हैं। इसमें 22 वरिष्ठ और 20 उच्च पाठशालाएं शामिल हैं। लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां के 28 स्कूल बिना मुख्य अध्यापकों के चल रहे हैं। सबसे ज्यादा खस्ता हालात सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की है। यहां के 22 वरिष्ठ स्कूलों में से 14 में प्रिंसिपल नहीं हैं। 20 उच्च पाठशालाएं में से 14 बिना मुख्याध्यापकों के चल रही हैं।
जिला कुल्लू के चार विस क्षेत्रों में सबसे अधिक उच्च पाठशालाएं आनी विस क्षेत्र में हैं। शिक्षा की सबसे बदहाल स्थिति भी यहीं पर है। प्रिंसिपल और मुख्य अध्यापकों की भारी कमी के अलावा यहां अन्य स्टाफ का भी टोटा चल रहा है। 42 स्कूलों में अंग्रेजी, हिंदी, हिस्ट्री, राजनीतिक शास्त्र, इक्नोमिक्स, ज्योग्राफी, गणित, कामर्स, फिजिक्स और संस्कृत आदि सहित विभिन्न विषयों के 52 पद रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा स्कूलों में अधीक्षक ग्रेड दो के चार, वरिष्ठ सहायक के 10 और क्लर्क के 20 पद रिक्त पड़े हैं। इसके उलट एलीमेंटरी शिक्षा विभाग में स्टाफ के मामले में उच्च स्कूलों से हालत कुछ बेहतर हैं। प्राइमरी स्कूलों में कुछ स्कूलों को छोड़ कर अध्यापकों के पद भरे हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षा उपनिदेशक जगदीश ने कहा कि स्कूलों में रिक्त प्रिंसिपल, मुख्याध्यापकों और अध्यापकों के पदों को भरने के लिए विभाग की ओर से समय-समय पर मुख्यालय से पत्राचार किया जाता रहा है। व्यवस्था होते ही शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
कहां किसके पद रिक्त
दलाश, दियोगी, खनाग, कुंगश, लगौटी, समेज, नित्थर, सरहर, च्वाई, खरगा, कोठी, शवाड़, बुच्छैर तथा तांदी स्कूलों में प्रिंसिपलों के पद रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा बनाला, तूनन, सिनवी, सरगा, सराहन, शारवी, शिल्हीजांजा, लढ़ागी, कुशवा, दुराह, घाटू, कुटवा, रोवा तथा शुश में मुख्याध्यापकों के पद खाली पड़े हैं।
