
चंडीगढ़: एक्सीडैंट और ट्रैफिक जाम वाली सड़कों से अब शहर के लोगों को कुछ हद तक निजात मिल जाएगी। सीनियर सुपरिंटैंडैंट ऑफ पुलिस (एस.एस.पी.) ट्रैफिक मनीष चौधरी द्वारा चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग को शहर की कुछ सबसे व्यस्त सड़कों से ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक प्रोपोजल तैयार करके भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि शहर की कुछ व्यस्त सड़कों में ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ए.टी.सी.) लगाने की जरूरत है।
एस.एस.पी. द्वारा कहा गया है कि सैक्टर-33 और 34 के छोटे राऊंड अबाऊट को हटा दिया जाए और उसकी जगह ए.टी.सी. लाइट लगाई जाएं। क्योंकि इस सड़क पर काफी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अतरिक्त सैक्टर-47 के गुरुद्वारा साहिब के नजदीक भी ए.टी.सी. सिस्टम को लगाया जाए। एस.एस.पी. ने ये सुझाव इस साल 23 मार्च को फैडरेशन ऑफ सैक्टर वैल्फेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फॉसवेक) के साथ हुई मीटिंग में लोगों की शिकायतों के बाद भेजे हैं।
सैक्टर-46 में स्कूलों के बाहर लगेंगे रंबल स्ट्रिप
रैजीडैंट वैल्फेयर एसोसिएशन सैक्टर-46 द्वारा काफी समय से मांग की जा रही थी कि आशियाना पब्लिक स्कूल और किंडर पिलर्स के बाहर काफी वाहन इकट्ठे हो जाते हैं। जिसकी वजह से एक्सीडैंट का खतरा बना रहता है। यही वजह है कि एस.एस.पी. द्वारा सुझाव दिया गया है कि मकान नंबर-112 और 126 की सड़क में रंबल स्ट्रिल लगाए जांए। इसके साथ ही वी-6 रोड में भी रंबल स्ट्रिप का इस्तेमाल किया जाए।
शिकायत करने वाले रहते हैं दहशत में
रैजीडैंट वैल्फेयर एसोसिएशन सैक्टर-47 के दीवान सिंह ने शिकायत की थी कि पुलिस शिकायकत्र्ताओं की पहचान को उजागर कर देती है, जिसकी वजह से शिकायतकत्र्ता दहशत के माहौल में रहता है। दीवान सिंह ने बताया कि उन्होंने शिकायत दी थी कि कुछ लड़के एक्सीडैंट के मामले में शामिल थे।
पुलिस ने इस केस की जांच की और लड़कों को छोड़ दिया। उपद्रवी लड़कों ने छूटते ही उनकी कार के शीशे तोड़ दिए। इस पर एस.एस.पी. ने जवाब दिया है कि इस एरिया में सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाने का प्रोपोजल सीनियर ऑफिशियल्स को भेजा जा चुका है।
