सैकड़ों टैक्सी चालकों को बड़ी राहत

कुल्लू। रोहतांग के लिए बाहरी राज्यों के पर्यटक वाहनों के जाने पर लगी रोक से स्थानीय टैक्सी चालकों की पौ बाहर हो गई है। टैक्सी चालकों को इस बार भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार अकेले मनाली के करीब 1800 टैक्सी आपरेटर पर्यटन कारोबार से जुड़े हैं। इसके अलावा अन्य सैकड़ों टैक्सी चालकों का कारोबार भी पर्यटन पर निर्भर है। लिहाजा इस दशा में यह रोक टैक्सी चालकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
जानकारों का कहना है कि रोहतांग का मार्ग काफी जोखिम भरा है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आने वाले टैक्सी चालकों को बर्फ के बीच वाहन चलाने का अनुभव भी नहीं होता है। इस कारण कई बार पर्यटक हादसों का शिकार हो जाते हैं। इस मार्ग पर लोकल टैक्सी चालकों को खास अनुभव होता है। इस कारण में सैलानियों की सुरक्षा के चलते जिला प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को रोहतांग न भेजने का फैसला लिया है।
मनाली टैक्सी यूनियन के प्रधान पूर्ण चंद ठाकुर ने बताया कि रोहतांग के लिए बाहरी राज्यों के वाहनों पर रोक होने से मनाली के टैक्सी चालकों को रोजगार मिला है। इस कारण टैक्सियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि किराये के रेट न बढ़ने के कारण टैक्सी चालकों को बहुत कम लाभ मिलता है। रोहतांग के जोखिम भरे मार्ग पर वाहन ले जाने के लिए टैक्सियों के किराये में वृद्धि भी की जानी चाहिए। गौरतलब है कि हर साल हजारों की तादाद में देशी-विदेशी सैलानी रोहतांग दर्रा देखने जाते हैं। इस पर्यटन सीजन से जिला के हजारों लोगों की रोजी रोटी भी जुड़ी है। हर साल पर्यटन सीजन के दौरान करोड़ों का कारोबार कुल्लू-मनाली में होता है। जिला प्रशासन की यह रोक इस दशा में टैक्सी चालकों के लिए बड़ी राहत है। जिला प्रशासन के मुताबिक जब तक नए आदेश नहीं आते तब तक यह रोक लगी रहेगी। इस दौरान तक रोहतांग दर्रा पर बाहरी राज्यों के पर्यटक नहीं रुक सकते।

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