
हमीरपुर। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने सैकड़ों छात्रों के प्रवेश फार्म रिजेक्ट कर दिए हैं। सैकड़ों अन्य फार्म संस्थान प्रबंधनों के पास ही लौटा दिए हैं। फार्म विवि ने जमा नहीं किए हैं। कारण, संस्थानों ने मानकों को दरकिनार कर छात्रों को बीटेक प्रथम सत्र में प्रवेश दे दिया था। स्पष्ट है कि प्रदेश में चल रहे निजी इंजीनियरिंग संस्थान छात्रों के भविष्य के साथ खेल रहे हैं। संस्थान मानकों को दरकिनार कर अपने फायदे के लिए छात्रों को प्रवेश दे रहे हैं। कुछ संस्थानों ने छात्रों से फीस भी वसूल कर ली है, जबकि कुछ संस्थानों ने केवल रजिस्ट्रेशन कर फार्म जमा किए थे। विवि प्रबंधन छात्रों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहा है।
तकनीकी विवि ने बीटेक में प्रवेश के लिए पात्रता आधार जेईई परीक्षा को बनाया था। प्रदेश सरकार ने छूट प्रदान कर दी थी तथा जमा दो कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ विषय 65 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को प्रवेश के योग्य घोषित किया था। उनके लिए जेईई परीक्षा में अपीयर होना अनिवार्य नहीं था, लेकिन निजी संस्थानों ने रिक्त सीटें भरने को 65 प्रतिशत से कम अंक वाले छात्रों को भी प्रवेश दे दिया। कुछ संस्थानों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि सरकार से छूट मिलेगी, पर फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। तकनीकी विवि ने मानक के आधार पर संस्थानों की ओर से भेजे गए करीब 700-800 छात्रों के फार्म रिजेक्ट कर दिए हैं। इसके अलावा संस्थानों को सैकड़ों अन्य फार्म लौटा दिए गए हैं।
मानकों का पालन करवाया जाएगा
प्रदेश तकनीकी विवि के कुल सचिव मनोज कुमार ने कहा कि प्रवेश के लिए निर्धारित मानकों का पालन करवाया जाएगा। इसी के तहत छात्रों के फार्म रिजेक्ट किए गए हैं। प्रभावित छात्र लिखित में शिकायत करते हैं तो संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संस्थानों को नोटिस जारी करने के साथ ही नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
