सेब के लिए घातक हैं ये सड़कें

कुल्लू। कुल्लू खंड दो की 70 पंचायतों की करीब सवा लाख आबादी के लिए बनी सड़कों की हालत खस्ता है। यहां 203 किलोमीटर सड़कों को विभाग ने पक्का घोषित किया है लेकिन इन सड़कों पर सफर करना उतना ही जोखिम भरा है, जितना यहां की 192 किलोमीटर कच्ची सड़कों पर है।
घाटी की 70 पंचायतों को 395 किलोमीटर सड़कों से जोड़ा गया है। सड़कों की खस्ता हालत से लोग सरकार और विभाग से खफा हैं। कुल्लू-मनाली नेशनल हाइवे हो या वाम तट से जोड़ा गया मार्ग, भुंतर-मणिकर्ण, कुल्लू-बिजली महादेव, रायसन – शिरढ़, कुल्लू-लगवैली को जोड़ने वाले सभी मार्गों के अलावा कुल्लू-पाहानाला, भुंतर-हवाई शियाह बाया गड़सा और नग्गर-जाणा सड़क मार्गों की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। कुल्लू से रायसन तक नेशनल हाइवे 21 चकाचक है। लेकिन यहां से मनाली तक सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं।
भल्याणी निवासी किरपा राम, सड़क संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष देवी दयाल ठाकुर, खराहल के रमेश ठाकुर, मणिकर्ण के ढुंखर निवासी देवी सिंह, गड़सा के भोला राम तथा पाहानाला के राम सिंह ने बताया कि सड़कों के बारे में न पूछें तो ही अच्छा है। सड़कों की खराब हालात देखकर वाहनों में सफर करने से डर लगने लगा है। सेब सीजन सिर पर है और सरकार तथा विभाग सड़कों की हालत सुधारने को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही। उचित निकासी न होने से बरसाती पानी से सड़कों की हालत और खराब हो रही है। इलाके के लोगों का कहना है कि सरकार और विभाग को सड़कों की हालात को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए।

सड़कों की करवाएंगे टायरिंग
खंड दो के तहत इस साल विभाग उन सड़कों के 22 किलोमीटर हिस्से पर टारयिंग करवा रहा है जो पक्की होने पर भी खराब हैं। इसके अलावा कुल्लू-बिजली महादेव तथा बढ़ेई-पीज सड़कों को भी पक्का किया जा रहा है। विभाग सड़कों की दशा को सुधारने को लेकर प्रयासरत है, लेकिन काम करने के लिए ठेकेदार आगे नहीं आ रहे।
जीसी गुप्ता अधिशासी अभियंता

सड़कों दुरुस्त करवाना प्राथमिकता
चुनावी आचार संहिता होने से काम आगे नहीं बढ़ पाया था। सड़कों को सेब सीजन में बहाल रखना तथा सड़कों का रखरखाव करना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए वह वैली स्तर पर लोगों के साथ मीटिंग करने जा रहे है।
महेश्वर सिंह विधायक कुल्लू सदर

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