सेब की बंपर फसल की बढ़ी आस

पतलीकूहल (कुल्लू)। आधा अप्रैल माह बीत जाने के बावजूद देवभूमि में पहाड़ों पर बर्फ गिरना जारी है। ऐसे में बागवानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से सेब की फसल के लिए जरूरी 1200 से 1600 घंटे के चिलिंग आवर की शर्त आसानी से पूरी हो गई है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार इस बार भी सेब की बंपर फसल के आसार नजर आ रहे हैं। बशर्ते बागवान विशेषज्ञ सलाह पर अमल करते हुए समय-समय पर बागीचों में स्प्रे करते रहे।
बागवानी अनुसंधान केंद्र बजौरा के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जयंत के अनुसार सेब की उम्दा फसल के लिए फ्लावरिंग के दौरान तापमान 20 से 24 डिग्री सेंटीग्रेट रहना चाहिए। बागवान गुलाबी कली आते ही वेवीस्टीन की स्प्रे करें, यदि बगीचे में थ्रीप्स की समस्या सामने आने लगे तो इसमें 400 ग्राम डार्मेट भी मिला दें। कुल्लू फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय का कहना है कि संगठन बागवानों के हित के लिए कृत संकल्प है। सेब की फसल के सिलसिले में संगठन बागवानों के लिए विशेष शिविर आयोजित करेगा। इन शिविरों में सलाह के लिए बागवानी विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा।

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