
नई टिहरी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों (डिलीवरी प्वाइंट) को अपग्रेड करने की कवायद शुरू की गई है। जिससे उपकेंद्रों पर होने वाली सामान्य प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा को हर सुविधा प्रदान हो सकेगी। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत पहले तीन साल में 24 उपकेंद्रों में सुविधा प्रदान की जाएगी। दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात शिशु सुरक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
एनआरएचएम के तहत अब तक 27 उपकेंद्रों पर ही सामान्य डिलीवरी की सुविधा है। लेकिन वहां समुचित व्यवस्था न होने से कई बार प्रसूताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रसूताओं को उपकेंद्रों पर ज्यादा सुविधा प्रदान करने के लिए पूर्व से संचालित केंद्रों के साथ ही 24 नए उपकेंद्रों को भी अपग्रेड करने की योजना बनाई है। जिसमें बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही अलग से लेबर रूम, ठंड से बचने के लिए बेवी वार्मर, जनरेटर, फ्रिज और वार्ड आया आदि सुविधाएं प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी और चंबा में नवजात शिशु सुरक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जिसमें पैदा होने वाले अंडरवेट, पीलिया, स्वांस सबंधी, ऑक्सीजन और समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों के उपचार की सुविधा मिलेगी।
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एनआरएचएम के तहत उपकेंद्रों में सुरक्षित प्रसव कराने की कवायद शुरू की जा रही है। सुविधाएं होंगी तो अधिक से अधिक सुरक्षित प्रसव हो सकेंगे। जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।
