
नई दिल्ली में मेड इन इंडिया थीम पर चल रही भारतीय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रदर्शनी में देशी उपकरणों की धूम है।
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इसके लिए प्रगति मैदान में अलग से एक स्टॉल लगाया है। यहां दर्जनों उपकरणों का प्रदर्शन किया है।
वहीं, आयोजकों को उम्मीद है कि इस पहल से सुरक्षा उद्योग के कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
देश में सुरक्षा उद्योग का कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपये का सालाना है। इसमें से 80 फीसदी उपकरणों के लिए विदेशी बाजारों पर हमारी निर्भरता है।
जबकि 20 फीसदी ही देशी बाजार से आपूर्ति हो रही है। वहीं, करीब तीस फीसदी की सालाना बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। आयोजकों का मानना है कि प्रदर्शनी से कारोबार में प्रोत्साहन आएगा।
एसपीजीआई के प्रमुख संजीव सहगल के मुताबिक, सरकारी मदद से करीब 40 कंपनियों का इंडिया पवेलियन दुबई सुरक्षा मेले में शिरकत करने जा रहा है।
स्टंट पर भारी हाईटेक बाइक
राजधानी की सड़कों पर बेलगाम बाइकर्स पर लगाम कसने के लिए अब दिल्ली पुलिस के लिए हाईटेक बाइक तैयार है। न सिर्फ इसका इंजन 250 सीसी का होगा, बल्कि पिकअप भी आम बाइक से कहीं अधिक है।
मात्र छह सेकंड में यह 60 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार पकड़ लेती है। बाइक में फोर स्ट्रोक इंजन, इलेक्ट्रिक स्टार्ट, छह स्पीड गीयर, सील्ड चेन लगी है।
खास बात यह है कि होंडा की सीवीआर में हाईटेक लाइट एसेसरीज प्रयोग की गई हैं, जिससे राजधानी की दिसंबर-जनवरी की घनी धुंध (फॉग) में बाइक से डेढ़ किमी दूर तक देखा जा सकेगा।
अलार्म की आवाज करीब डेढ़ किमी तक सुनी जा सकेगी। इसके अलावा हेलमेट में माइक्रो स्पीकर लगाया गया है। सुरक्षा फर्म ग्रैंड के जसपाल सिंह ने बताया आगरा पुलिस इसे इस्तेमाल कर रही है।
वहीं, दिल्ली पुलिस के सामने इसका डेमो किया गया है।
लो फ्लोर बसों के लिए सीसीटीवी
डीटीसी बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाने के लिए कई कंपनियां मैदान में उतरने को तैयार हैं।
इसी के तहत राजधानी में चल रहा सिक्योरिटी फेयर में स्पर्श कंपनी ने बसों के अंदर लगाए जाने वाले विशेष कैमरे डिजाइन किए है।
इन कैमरों की खासियत यह है कि 90 डिग्री तक घूम सकते हैं। इसकी सारी रिकॉर्डिंग डीवीआर में सुरक्षित रहेगी।
खास बात यह है कि डीवीआर में वाई-फाई, जीपीएस, यूएसवी व एसडी कार्ड भी होगा, जो बस की बैटरी से ही चार्ज होगा।
आपदा में रेडियो के साथ लाइटिंग का इंतजाम
सुरक्षा मेले में ऐसे प्रकाश उपकरणों का पहली बार प्रदर्शन किया है, जिसमें न सिर्फ रेडियो है, बल्कि घड़ी भी लगाई गई है।
इसकी खासियत यह है कि इससे सौर ऊर्जा के साथ डायनमो से भी चार्ज किया जा सकता है।
वहीं, उपकरण वाटर प्रूफ है। इसमें मोबाइल चार्जर भी है। इससे आपदा में फंसे लोगों को मदद मिल सकती है।
एक तरफ जहां उन्हें रोशनी मिलेगी, वहीं रेडियो के जरिए वह देश-दुनिया से जुड़े रहेंगे।
होप सुरक्षा कंपनी के जितेंद्र गुप्ता के मुताबिक, इसकी अलग-अलग क्वालिटी के उपकरणों की कीमत चार हजार रुपये तक रखी गई है।
