
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। देहरा से केंद्रीय विवि को शिफ्ट करने के कैबिनेट फैसले के बाद इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। सरकार के फैसले पर विरोध जताने के लिए देहरा विकास मंच के झंडे तले सैकड़ों उपमंडलवासियों ने मिनी सचिवालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। लोगों के एक हुजूम ने एसडीएम देहरा शिव कृष्ण पराशर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रतियां पीएम मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, जयंती नटराजन, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश के राज्यपाल और सीएम वीरभद्र सिंह को प्रेषित कीं। ज्ञापन में देहरा में केंद्रीय विवि पर राजनीति के आरोप जड़े हैं। उनका कहना है कि देहरा में सीयू के लिए चयनित की गई भूमि सभी सुविधाओं से सुसज्जित है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 800 एकड़ भूमि विवि के लिए चयनित है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर और भूमि भी यहां उपलब्ध है। विवि का यहां पर निर्माण कार्य होने से उसकी लागत काफी कम हो जाएगी। जबकि धर्मशाला क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है और पेयजल की कमी भी काफी रहती है। सीयू प्रदेश के जिला कांगड़ा के लिए स्वीकृत हुई है। इसके तहत सीयू का 70 फीसदी ढांचा देहरा (उत्तरी क्षेत्र का व्यास परिसर) में और 30 फीसदी धर्मशाला (दक्षिण का धौलाधार परिसर) में खोला जाना है। स्वतंत्रता सेनानी पहाड़ी बाबा कांशी राम की जन्मस्थली होने के साथ-साथ उपमंडल देहरा पुराने इलाकों में गिना जाता है, लेकिन कुछ नेता लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने पर उतारू हैं और केंद्र सरकार को गुमराह करने को प्रयासरत है। इसलिए कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रादेशिक नेताओं से सीयू को देहरा में खोलने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व विधायक योगराज, पूर्व विधायक दिलीप सिंह, केसीसी निदेशक गुरचरण सिंह, सेवा भारती के सुरेंद्र सूद, केवल वालिया, जयप्रकाश वालिया, प्रधान स्नेह लता परमार, अंजना डोगरा, राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष जेसी आजाद, उपेंद्र धीमान, बार काउंसिल के समस्त सदस्य, आईपी सिंह, कोमल कांत शर्मा, पूर्व बीडीसी सदस्य करतार सिंह, पवन शर्मा, राकेश वालिया, मनोज कुमार, ओंकार सिंह, जिला मीडिया प्रभारी कमल हमीरपुरी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
