सीटू ने निकाली रोष रैली

ऊना। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति की ऊना इकाई ने राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को ऊना शहर में रैली निकाल कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। रैली में जिला भर से सीटू प्रतिनिधियों, औद्योगिक इकाइयों के श्रमिकों और आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियनों ने भारी संख्या में भाग लिया। रैली में यूनियनों के वर्करों ने हाथों में लाल झंडियां थामे केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। रैली की अगुवाई सीटू के जिला अध्यक्ष ओम दत्ता ने की। इस मौके पर सीटू के सचिव विजय शर्मा और गुरनाम सिंह एवं आंगनबाड़ी यूनियन की अध्यक्ष बलविंद्र कौर ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महंगाई पर कोई रोक नहीं लगा पाई है। उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर का जीना मुश्किल हो गया है। प्रदेश में श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है और सिर्फ श्रम कानून बना देना ही काफी नहीं है, इन्हें लागू करवाना भी सरकार तथा प्रशासन की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकारों ने मजदूरों की मांगों पर विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र हो सकता है। इसके बाद कामगारों ने उपायुक्त अभिषेक जैन को मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर केके राणा, ओपी सिद्धू, नरेश शर्मा, नीलम, नरेश भुल्लर, बलविंद्र कौर, सुनीता, दुलंभ सिंह, दलजीत सिंह, विजय कुमार, नवल किशोर, बलविंद्र कौर, प्यारा सिंह सहित कई मौजूद थे।

यह हैं सीटू की मांगें
बढ़ रही महंगाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। भ्रष्टाचारियों को शीघ्र जेल भेजा जाए। श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए, न्यूनतम वेतन दस हजार रुपये किया जाए। श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को पंजाब के बराबर पांच हजार से तीन हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। मिड डे मील वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 45 सौ रुपये मासिक दिया जाए। केंद्र एवं राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के विनिवेश पर रोक लगाई जाए। न्यूनतम मजदूरी दस हजार रुपये मासिक दी जाए। पक्के किस्म के काम के स्थान पर ठेका मजदूरी पर रोक लगाओ, ठेका मजदूरों का वेतन भी नियमित मजदूरों के बराबर किया जाए। सभी श्रमिकों के लिए पेंशन दी जाए। 45 दिन के अंदर ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए।

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