सीएम ने किया राहत शिविरों का निरीक्षण

नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे से निपटने की तैयारियों पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा है कि बाढ़ को देखते हुए निचले इलाकों से पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। जबकि बाढ़ में फंसे 400 से अधिक लोगों को अलग-अलग जगह से बचाया गया।
यमुना के विकराल होते रूप को देखते हुए राहत शिविर और टेंट कम पड़ने लगे हैं। जिसे निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों को शिविर में दूध-ब्रेड देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री अरविंदर सिंह, राजस्व सचिव धर्मपाल तथा कई जिला उपायुक्तों के साथ बाढ़ पीड़ितों के राहत शिविरों और यमुना तट पर कई स्थानों का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने मयूर विहार फेज-1 के निकट डीएनडी फ्लाईओवर, नर्सरी खादर और एलएम बंध के आसपास कई शिविरों का जायजा लिया और लोगों को ढांढस दिया। प्रभावित लोगों को बताया कि सरकार ने 19 राहत शिविर और 500 टेंट लगाए हैं।
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किसी भी स्थिति से निपटने को हैं तैयार
‘दहशत में न आएं क्योंकि सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही काफी इंतजाम कर लिए थे। सरकार सभी संसाधन राहत और बचाव कार्य के लिए लगा दिए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं। प्रशासन अभी भी मुनादी करा रहा है। यमुना का पानी इलाके में घुसने के कारण बिजली आपूर्ति में बाधा के लिए खेद है। पानी कम होने पर स्थिति सामान्य हो जाने की आशा है।’ – शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री।

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