
नाहन (सिरमौर)। जिला एवं नाहन व्यापार मंडल ने सिगरेट पर शत प्रतिशत वैट लगाने पर असंतोष व्यक्त किया है और प्रदेश कांग्रेस सरकार से मांग की है कि पड़ोसी राज्यों की तरह प्रदेश में भी तर्कसंगत वैट लगाए जाए अन्यथा सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान होने वाला है।
बुधवार को यहां जिला एवं नाहन व्यापार मंडल की प्रेसवार्ता में नाहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमृतलाल गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार ने सिगरेट पर वैट की दर 18 से 36 प्रतिशत कर दी है, जिस पर एंट्री टेक्स चार प्रतिशत अलग से पड़ेगा। जबकि, सिगरेट पर हरियाणा में 21.5 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 12.5 फीसदी एवं उत्तराखंड में 20 फीसदी वैट वसूला जा रहा है। फिर हिमाचल में शत प्रतिशत बढ़ोत्तरी क्यों की गई है? उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 हजार व्यापारी सिगरेट के कारोबारी हैं और तीन लाख लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोेजगार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल में सिगरेट महंगी होने से इसकी तस्करी को प्रोत्साहन मिलेगा। छोटे व्यापारी पड़ोसी राज्य हरियाणा, चंडीगढ़ एवं उत्तराखंड से लाने को मजबूर होंगे। इससे न केवल सरकार को लाखों रुपये राजस्व का चूना लगेगा बल्कि अवैध कारोबार भी जमकर फल फूलेगा। प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष ओपी सैणी ने कहा कि अवैध रूप से बेची जाने वाली सिगरेट की घटिया गुणवत्ता से आम आदमी की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और सरकार कोष का लाखों का घाटा होगा।
इस मौके पर जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश जैन, नाहन व्यापार मंडल के महामंत्री दिग्विजय गुप्ता, मीडिया प्रभारी राकेश गर्ग, संजय बंसल, सुमित बंसल आदि मौजूद थे।
