साहब! रूटों पर नहीं चल रही निगम की बसें

हमीरपुर। साहब! सरकारी बसें निर्धारित रूटों पर नहीं दौड़ रही हैं। इस कारण कर्मचारियों के साथ-साथ छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों के लिए शुरू की गई निशुल्क बस सेवा का लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। जिन रूटों पर निगम की बसें चल रही हैं वह निर्धारित समय पर नहीं चल रही हैं। या निर्धारित गंतव्य से समय से पहले ही वापस लौट रही हैं। सोमवार को हुई जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में सभी जिला परिषद सदस्यों ने समस्या को उठाया है।
बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष सरला शर्मा ने की। जिला परिषद सदस्यों ने प्रशासन और निगम प्रबंधन से मांग की कि बसों को निर्धारित समय पर चलाया जाए। बंद किए रूटों को बहाल किया जाए। आरटीओ हमीरपुर से जिला में निजी बसों के रूटों में भी बढ़ोतरी करने की मांग की जिससे जनता को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में प्रकृति के कहर से पीड़ित लोगों को भी उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।
समीरपुर वार्ड की जिला परिषद सदस्य प्रोमिला देवी ने कहा कि वार्ड में कई मकान भारी बारिश के चलते गिर गए हैं, कई गिरने की कगार पर है। प्रशासन की ओर से अभी तक पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। जिला परिषद सदस्यों ने जिला की खस्ताहाल सड़कों की भी दशा सुधारने की मांग उठाई। बताया कि जिला की अधिकतर सड़कों की हालत खस्ता है। दर्जनों संपर्क मार्गों पर गिरे ल्हासों को विभाग द्वारा अभी तक नहीं हटाया गया है। सड़कों में गड्ढे पड़े हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग सड़कों की दशा को नहीं सुधार रहा है।

बैठक में ये रहे मौजूद
जिला परिषद बैठक में लेखराज, सरला डोगरा, प्रोमिला देवी, सुशील सोनी, अनिल कुमार, जोगेंद्र कुमार, विमला बग्गा, मदन लाल धीमान, आरएम प्रदीप कुमार, आरटीओ संजीव कुमार, जिला कल्याण अधिकारी केडी शर्मा, जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक लक्ष्मण सिंह कनेट आदि मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
हमीरपुर। जिप की बैठक में उचित मूल्यों की दुकानों में पूरा राशन उपलब्ध न होने, गत तीन माह से सोलर लाइटें न लगने, आदि पर भी चर्चा हुई। साथ ही मैहरे में आयोजित बागवानी विभाग द्वारा प्रदर्शनी में जिप सदस्यों को न बुलाने को लेकर भी रोष प्रकट किया गया। इसके अलावा 13वें वित्तायोग की योजनाओं को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान प्रत्येक जिप सदस्य को अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए 7.25 लाख रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। यह बजट संपर्क मार्गों की हालत सुधारने, वाटर टैंक, कुओं, बावड़ियों, श्मशानघाटों, जंजघरों, महिला मंडल भवनों पर व्यय किया जाएगा।
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साहब बैठक में व्यस्त, जनता जाम से त्रस्त
हमीरपुर। साहब बैठक में व्यस्त हैं। बाहर जनता जाम से त्रस्त है। कुछ ऐसा ही आलम हमीरपुर नाल्टी रोड पर जिला परिषद भवन के बाहर देखने को मिला। प्रशासनिक अधिकारी बैठक में पहुंचे। करीब तीन घंटे तक सरकारी वाहन सड़क किनारे खड़े रहे। इससे जाम की स्थिति बनती रही। जाम के दौरान और परेशानी के चलते वाहन चालकों द्वारा संबंधित अधिकारियों और उनके चालकों को कोसते हुए भी सुना गया।

बैठक में उपस्थित रहें अधिकारी
जिप की त्रैमासिक बैठक के दौरान अधिकतर विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं रहते। बचाव के लिए किसी न किसी विभागीय कर्मचारी या अधीक्षक को भेज दिया जाता है। जिससे कई मुद्दों पर तर्कसंगत जवाब नहीं मिल पाता है। जिप सदस्यों ने प्रशासन से मांग की कि सभी सरकारी अधिकारियों को बैठक में बुलाने के आदेश जारी किए जाएं।

आखिर बैठक में कहां बैठेंगे अधिकारी
सांस लेने तक को हो रही परेशानी, सभागार के बाहर घूम रहे अधिकारी
आठ सालों से सभागार बनाने की योजना है ठंडे बस्ते में
हमीरपुर। जिप भवन के सभागार में अधिकारियों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं होते हैं लेकिन इसके बावजूद कुछेक अधिकारियों को थोड़े अंतराल के बाद बैठक से उठकर सभागार के बाहर घूमना पड़ रहा है।
कई अधिकारियों को सांस की समस्या के चलते सभागार के बाहर घूमना पड़ रहा है। जिप की बैठक में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 18 जिप सदस्य होते हैं। इसके अलावा 28 विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं। ब्लाक स्तर के अधिकारियों को मौजूद होना अनिवार्य होता है। इतने अधिकारियों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। सभागार के भरते ही सांस लेना मुश्किल हो जाता है। सोमवार को भी सांस की समस्या से पीड़ित एक अधिकारी को सभागार के बाहर टहलते हुए देखा गया है। भवन में सभागार को बदलने की कवायद गत आठ वर्षों से चल रही है लेकिन अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
उधर, जिप अध्यक्ष सरला शर्मा का कहना है कि आठ वर्षों से सभागार को बदलने की कवायद चली है। इसके लिए लोनिवि को लिखा गया है।

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