
कुल्लू। खराहल क्षेत्र में लोगों के लिए बन रही उठाऊ सिंचाई योजना सात साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। करोड़ों की लागत से बन रही बारी-विहाल उठाऊ सिंचाई योजना से किसानों के खेतों को पानी कब मिलेगा, इसको लेकर इलाके के किसान चिंतित हैं। कछुआ गति से चल रहे इस योजना के काम से खराहल घाटी की सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित होने से वंचित है। नौ करोड़ से बनने वाली बारी-विहाल योजना के लिए पानी व्यास नदी से लिफ्ट किया जाएगा। वर्ष 2007 से शुरू हुआ काम सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सका, जो हैरान करने वाला है। विभाग ने योजना को सुचारु करने के लिए पाइपों को तो बिछा दिया है, लेकिन पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए कूहलों का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। कई जगह तो कूहलें आधी-अधूरी पड़ी हैं। योजना से खराहल क्षेत्र के पुईद, घराकड़, शराउगी मौड़, किंज़ा, पौडू शाड़ त्रांबली, बारीतुनी तथा तलोगी समेत कई गांवों के किसान-बागवानों की सैकड़ों बीघा खेती को पानी पहुंचना है। इन गांवों के ग्रामीण कु लदीप नैय्यर, राजेश, ज्ञान ठाकुर, प्रवीण, विकास, दीपन कुमार, चेत राम, पप्पू, नितेश शर्मा, युवराज तथा महिंद्र का कहना है कि कई वर्ष से लटकी इस सिंचाई योजना से किसान बागवान खासे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधा न होने से क्षेत्र के लोगों ने फसल की बिजाई करना भी बंद कर दी है। किसानों से जुड़ी योजनाओं को तय समय पर पूरा किया जाना चाहिए।
