
क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 250 मरीजों की दस्तक
दूषित पेयजल और खाद्य पदार्थ हैं जिम्मेवार : चोपड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिले में सर्दी, जुकाम, उल्टी, दस्त और वायरल फीवर का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। बरसात के मौसम के चलते दूषित पेयजल और अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन से अधिकतर लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि निजी क्लीनिकों में भी सैकड़ों रोगी उपचार करवा रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थ और दूषित पानी इसका मुख्य कारण है। इसी से अधिकतर लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। एसएमओ डा. केसी चोपड़ा का कहना है कि बरसात के मौसम में रोगियों की संख्या में इजाफा हो जाता है। इसके लिए दूषित पानी और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ जिम्मेवार हैं।
डा. केसी चोपड़ा के सुझाव
बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों को लोग हल्के में न लें।
समय पर बीमारी का उपचार न करवाना रोगी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
कोई भी व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित पाया जाता है तो एक दो दिन के भीतर अस्पताल या क्लीनिक में जांच अवश्य करवाएं।
ये करें उपाय
पानी को हमेशा उबाल कर पीएं।
पानी को हमेशा ढक कर रखें।
घर में पानी की टंकियों आदि को खुला न छोड़ें।
घर के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें।
निकासी नालियों में पानी जमा न होने दें।
बाजार में बिकने वाले तरल पदार्थों से परहेज करें।
संक्रमित बीमारी के रोगियों से दूर रहें।
बीमार होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करवाएं।
