
ऊना। जिले में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में भी मरीजों की कतारें लग रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में बुधवार को शाम चार बजे तक खांसी, बुखार, जुकाम के मरीजों की संख्या 110 से ज्यादा पहुंच गई। अन्य अस्पतालों में भी 40 से 50 फीसदी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।
खुश्क ठंड के चलते लोग इन बीमारियों की जद में आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। चिकित्सकों ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना समेत जिले के गगरेट, अंब, चिंतपूर्णी, बंगाणा, हरोली और देहलां समेत अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे मरीजों का उपचार चल रहा है। बच्चों को इस तरह की परेशानी का मुख्य कारण चिकित्सक उनकी देखभाल में लापरवाही को बता रहे हैं। बच्चों के कम कपड़े पहनकर कीचड़ या ठंडे पानी में खेलने, नंगे पांव दौड़ने तथा अन्य कारणों से इन रोगों की जद में आ रहे हैं। खाने पीने में परहेज आदि न रखने के कारण भी लोग इस समस्या से घिर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीआर कौशल ने कहा कि मौसम बदलने से ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
ऐसे बरतें मरीज सावधानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीआर कौशल ने कहा कि सर्दी से बचने के लिए उचित एवं गर्म कपड़े पहनने चाहिए। ठंडा भोजन न खाएं। फ्रिज आदि में रखे भोजन को तो गर्म किए बिना खाने से तुरंत बीमार हो सकते हैं। स्वच्छ पानी पीएं और बाजार में भी खाने पीने की चीजें लेते समय एहतियात बरतें। बच्चों का खास ध्यान रखें। उन्हें उचित कपड़े पहनाएं। छोटे बच्चों को गर्म कपड़े और जूते आदि पहने बगैर इधर-उधर घूमने न दें। पानी को हल्का गर्म करके भी पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
