
चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सरकार पर बचाव और राहत कार्यों में पूरी तरह से फेल होने का आरोप लगाया है। चंपावत टीआरसी में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान हुई दैवीय आपदा ने पूरे देश को गहरे जख्म दिए हैं।
इस मौके पर पूर्व सांसद बची सिंह रावत, बलराज पासी, विधायक पूरन फर्त्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, पूर्व विधायक अजय टम्टा, कैलाश जोशी, किशन पुनेठा, हयात सिंह माहरा, जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली, राजू भंडारी, रंदीप पोखरिया, गोविंद सामंत, मुकेश कलखुड़िया, हिमेश कलखुड़िया आदि मौजूद थे। टनकपुर में डा. निशंक ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण कर शारदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने शारदा चुंगी और हनुमानगढ़ी क्षेत्र में हुए नुकसान के साथ ही भूकटाव का स्थलीय निरीक्षण किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को वर्ष 2010 में राज्य में आई आपदा से सबक लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार पर बाढ़ बचाव और नियंत्रण कार्यों में देरी से कदम उठाने का आरोप लगाया।
भ्रमण में खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी, नानकमत्ता के विधायक प्रेम सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी, पूर्व सांसद बची सिंह रावत, बलराज पासी, शिवराज सिंह कठायत, दीपक पाठक, शिवराज चंद, नारायण सिंह महर, विनोद वर्मा आदि मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री डा.निशंक लोहाघाट में कुछ समय के लिए रुके।
