
सरकाघाट (मंडी)। सीटू के बैनर तले सोमवार को सरकाघाट में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में आधा दर्जन संगठन सड़कों पर उतर आए। इन संगठनाें ने अपनी मांगों को लेकर एक रैली निकाली तथा इस बीच जमकर नारेबाजी की। इसकेबाद एसडीएम सरकाघाट के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
यह विरोध प्रदर्शन उपमंडल की कई समस्याओं पर आधारित था। इसमें बंदराें एवं जंगली जानवराें की समस्या की गूंज मुख्य रूप से सुनाई दी। प्रदर्शन में किसान सभा, महिला समिति, एसएफआई, नौजवान सभा तथा अन्य स्वयंसेवी संस्थाआें ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियाें ने सीटू जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्य बाजार सरकाघाट से एसडीएम कार्यालय तक विशाल विरोध रैली निकाली। इसके बाद विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम सरकाघाट के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया। संगठन पदाधिकारियाें एवं कार्यकर्ताआें ने मांग की कि मजदूरों को 10,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही पेंशन का लाभ भी दिया जाए। बंदरों की समस्या से निपटने केलिए जल्द ठोस नीति बनाई जाए, फसल को हानि पहुंचाने पर किसानों को मुआवजा दिया जाए, बिजली की बढ़ी दरों को वापस लिया जाए, सरकाघाट अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाए तथा बंद किए गए बस रूटों धर्मपुर-चंबा, धर्मपुर-पठानकोट, मनाली-संधोल, सरकाघाट-मढ़ी वाया सजाओपिपलू एवं मंडी-धर्मपुर को तत्काल बहाल किया जाए। किसानाें की सुविधा के लिए बीज विक्रय केंद्र खोलने तथा सड़कों की बदतर हालत को सुधारने की भी सरकार से मांग की गई।
इस अवसर पर किसान सभा के तहसील सचिव सुरेश शर्मा, डा. चेतराम, अजय शर्मा, रवि मंडयाल, बाल मुकुंद, रूप लाल, बालम राम, कृष्ण चंद, टेक सिंह व शिव राम आदि मौजूद थे।
