सब्जी मंडी का सरताज बना अनार

भल्याणी (कुल्लू)। विपणन बोर्ड की स्थानीय सब्जी मंडियों में सेब के मुकाबले अनार के दोगुना दाम मिल रहे हैं। मंडियों में लाल अनार ने रसीले सेब को बुरी तरह पछाड़ दिया है। सेब के दाम लुढ़कने से जहां बागवानों में हड़कंप मचा है, वहीं अनार के भाव ने किसानाें की आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
मंडियों में मोल भाव में हुई बोली में अनार के आगे सेब बुरी तरह से पिट रहा है। विपणन बोर्ड के सचिव प्रकाश कश्यप ने इसकी पुष्टि की है। स्थानीय सब्जी मंडियों में जहां शुक्रवार को सेब 5 से 22 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका वहीं अनार सेब को पीछे छोड़ 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका। अनार के दाने की खरीद के लिए बाहर से आए व्यापारियों में खूब कंपीटीशन दिखा।
जिले में 800 हेक्टेयर भूमि पर अनार की पौध लहलहा रही है। एक हेक्टेयर में 400 पौधे लगाए गए हैं। जिले में वर्तमान में तीन लाख 20 हजार अनार के पौधे हैं। गत वर्ष कुल्लू जिले में 900 मीट्रिक टन अनार की फसल हुई थी। इस वर्ष यह घटकर 350 मीट्रिक टन तक सिमट गई है।
बागवानी निदेशक बीसी राणा ने बताया कि यहां कंधारी और सिंधूरी किस्म के अनार की पौध होती है। यह उन्नत और अच्छी क्वालिटी की है। स्थानीय सब्जी मंडियों में हर रोज जहां 400 क्विंटल सेब की खेप पहुंच रही है। अनार की उपज स्थानीय मंडियों में 250 क्विंटल पहुंच रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात डिप्टी सीएमओ सुशील चंद्र शर्मा ने बताया कि अनार का दाना सेब से अधिक पौष्टिक है। सेब में महज आयरन तत्व हैं तो वहीं अनार में आयरन के अतिरिक्त करोटीन फाइवर कांटेट है। ऐसे में अनार का दाना सेब से कहीं अधिक पौष्टिक है। इसलिए इसकी मंडियों में मांग तथा कीमत में उछाल आना स्वाभाविक है।

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