सड़क से बंजार के कई गांव वंचित

बंजार (कुल्लू)। उपमंडल के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन दुर्गम गांवों की भौगोलिक स्थिति के कारण लोगों को कई घंटों पैदल चलकर बंजार मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। बंजार के साथ लगते शिल्ही, परवाड़ी, चिपणी, खुरंगा, डिगंचा, कडाहिल, श्रीकोट, मनौन, शटयाउगी, ज्वाली, टिंडा शहिल आदि गांव आजादी के दशकों बाद भी सुड़क सुविधा से वंचित हैं। इन दुर्गम गांवों के लोगों का जीवन पीठ के सहारे चल रहा है। लोगों को अपनी पीठ पर उठाकर खाद्य सामग्री और जरूरत का सामान ढोना पड़ता है। वहीं, इन क्षेत्रों के लोगों के बगीचों में सेब, पलम, नाशपाती जैसे उत्पादों को कई किलोमीटर पीठ पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बीमार होने पर तो चारपाई या कुर्सी का सहारा लेकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। कई बार तो मरीजों को जान भी गवानी पड़ती है। वहीं, इन गांवों के ग्रामीणों पवन कुमार, लज्जे राम, याली राम, बालकृष्ण ठाकुर, रेवती राम, परस राम आदि का कहना है कि आजादी के दशकों बीत जाने के बाद भी उनके गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि नेताओं से हमेशा उन्हें झूठे आश्वासन ही मिलते रहे हैं। लोगों ने राज्य सरकार से सड़क से जोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों की कई सड़कें वन भूमि के कारण वन विभाग की मंजूरी न मिलने के कारण अधर में लटकीं हैं।

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