सकुशल घर पहुंचे जगतसुख के दस श्रद्धालु

मनाली। उत्तराख्ंड मे आई त्रासदी में हुए भारी जानमाल के नुकसान से पूरा देश दुखी है, लेकिन देवभूमि कुल्लू से चार धाम की यात्रा पर गए दस लोग सकुशल अपने घर पहुंच गए हैं। आठ दिन बाद मौत के मुंह से निकल गए आए इन श्रद्धालुओं ने इस दर्दनाक घटना की आपबीती सुनाई है। जगतसुख की नर्वदा देवी कोतवाल, जगतसुख पंचायत के प्रधान जोग राज राणा पत्नी रूल्दी देवी विद्या प्रकाश भारद्वाज और उनकी पत्नी टारना देवी, मीना महंत ने बताया कि वे जून माह के दूसरे हफ्ते चार धाम की यात्रा पर गए थे, लेकिन चार धाम पहुंचने से पहले ही आसमान से आफत की तबाही आ गई थी और रास्ते में ही फंस गए। उन्होंने बताया कि वे यमनोत्री से गंगोत्री जा रहे थे। तूड़ी नानक स्थान पर भागीरथी ने खूब तबाही मचाई और उनकी आंखों के सामने कई वाहन और मकान बह गया। उन्होंने बताया कि वे लोग पहाड़ के रहने वाले हैं तथा कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचे थे, हालांकि खाद्य समाग्री की कमी थी और पीने के पानी की भी भारी किल्लत रही, लेकिन एक पहाड़ी के होने के कारण उन्हें सभी समस्या का सामना किया, 8 दिन के बाद सुरक्षित घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में मैदान से आए श्रद्धालओं की पहाड़ के बारे में ठीक से जानकारी न होने के कारण बड़ी संख्या में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है, जबकि यात्रा में गए लोगों में पहाड़ी लोग बहुत कम संख्या में थे। इस कारण अधिकत्तर लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

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