संकट से निपटने को कन्यापूजन का आदेश

कुल्लू। कुल्लू जिला में संकट आने वाला है! यह भविष्यवाणी देववाणी के माध्यम से धार्मिक नगरी मणिकर्ण के डढे़ई गांव में फागली उत्सव के दौरान की गई। क्षेत्र की आराध्य देवी माता कैलाशना ने गूर के माध्यम से संकट से निपटने के लिए क्षेत्र के दस गांवों के लोगों को कन्यापूजन करने का आदेश जारी किया है। चार दिन के फागली उत्सव में क्षेत्र के सुननारायण, माता कैलाशना, देवता मकाल, कालीनाग और अठारहपेड़े आदि देवी-देवताओं ने अपने हारियानों सहित शिरकत की। उत्सव के दौरान सालभर घटनेवाली घटनाओं की भविष्यवाणी की गई। यह भविष्यवाणी इन देवी-देवताओं ने स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद की। इस दौरान क्षेत्र के लोगों को भी कड़ी देव परीक्षा देनी पड़ी। माता कैलाशना के गूर बेली राम ने देववाणी के माध्यम से कहा कि तीर्थ स्थानों में पाप बढ़ गया है। खासकर गौ हत्या काफी ज्यादा हो रही है, जिससे ये तीर्थ स्थान अपवित्र हो गए हैं। लिहाजा, इससे प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं और संकट पैदा हो रहा है। इस संकट से निपटने के लिए देवी-देवताओं ने लोगों से कन्यापूजन करने की बात कही है। यह आदेश क्षेत्र के गांव मंझली डढ़ेई, चनालदी, निचली डढ़ेई, पुंथल, बुहाड़, मतेउड़ा, धारला, हुरण, शारणीबेहड़, कटोभा को जारी किया गया है। उत्सव में मुख्य कारिंदों ने बर्फ के बीच नंगे पांव देव कार्य को अंजाम दिया जो उनके लिए कड़ी देव परीक्षा से कम नहीं था। शनिवार को देवता के कारिंदों ढाई फुट बर्फ में नंगे पांव देवता को भंडार में ले गए। इस दौरान उपरोक्त देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन हुआ। माता कैलाशना के कारदार हुकम राम और पुजारी होतम राम ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी प्राचीन रीति रिवाज से निभाया जा रहा है।

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