
नई दिल्ली। अदालत ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत, अजीत चंदीला, अंकित चव्हाण सहित 19 आरोपियों को जमानत दे दी। पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें इस मामले को संगठित अपराध बताया गया था। कोर्ट ने कहा कि पुलिस यह साबित करने में असफल रही है कि अभियुक्त दाऊद व छोटा शकील के इशारे पर काम कर रहे थे। यह भी कहा कि वह पुलिस के तर्कों से संतुष्ट नहीं है।
न्यायाधीश वी.के. खन्ना ने कहा कि फिलहाल सभी को जमानत जरूर दी गई है, लेकिन उन पर मकोका जारी रहेगा। सुनवाई के दौरान पुलिस एक भी आरोप को स्पष्ट करने में असहाय नजर आई। कोर्ट ने कहा कि पुलिस यह भी साबित करने में असफल रही कि श्रीसंत सहित अन्य ने सिंडीकेट को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया या फिर सिंडीकेट के किसी सदस्य से उनका संपर्क रहा है। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वरिष्ठ सरकारी वकील राजीव मोहन के उस तर्क को खारिज कर दिया गया कि किसी को अपराध के लिए धमकी देना, प्रभावित करना या फुसलाना मकोका के तहत आता है। अभियोजन पक्ष ऐसा कोई भी साक्ष्य पेश नहीं कर पाया कि अभियुक्त दाऊद व छोटा शकील के संपर्क में थे। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष दाऊद व छोटा शकील के पहले के अपराध की बात कर रहा है, मगर उनकी इस मामले में भूमिका स्पष्ट नहीं है। अभियोजन पक्ष के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि इन खिलाड़ियों का बीसीसीआई के नियमों के तहत अपनी टीम से अनुबंध था और उन्होंने फिक्सिंग कर टीम के साथ अमानत में ख्यानत का अपराध किया है। अदालत ने कहा रिकार्ड में ऐसा एक भी तथ्य नहीं है जिससे उनका अपराध साबित हो। उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि मुख्य बुकी रमेश व्यास पुलिस रिमांड पर है और अश्वनी अग्रवाल मुंबई पुलिस के पास है और दोनों से पूछताछ के बाद ही पूरे तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। अदालत ने कहा संगठित अपराध का कोई भी साक्ष्य नहीं होने के अलावा यह भी स्पष्ट है कि अभियुक्त पहले ही किसी भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त नहीं रहे। इसके अलावा उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। उनका रिकार्ड साफ रहा है, ऐसे में उनको जमानत न देने का कोई आधार नहीं है। इसलिए वह उनकी जमानत मंजूर करते हैं।
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जमानत की शर्त
अदालत ने क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंदीला, अंकित चव्हाण व बुकी मनन भट्ट, चंद्रेश पटेल, जीजू जनार्दन, सुनील सक्सेना, मोहम्मद याहिया, सैयद दुरेज अहमद, रमाकांत, दीपित गर्ग, भूपेंद्र, अश्वनी अग्रवाल, मनीष गुडेवा, विनोद शर्मा, नितिन जैन, अजय गोयल, अमित गुप्ता व विकास चौधरी को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही अन्य जमानत राशि पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सभी अभियुक्तों को अपना पासपोर्ट जांच एजेंसी को सौंपने के अलावा उन्हें किसी भी गवाह से संपर्क न करने व साक्ष्यों को नष्ट न करने का निर्देश दिया है।
